प्रशिक्षण में शामिल सहभागी किसान भाई
चम्पारण नीति / बेतिया (प.च.) आज कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के सभागार में अरहर (तुर) में खरपतवार नियंत्रण विषयक एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में माधोपुर, सेनुवारिया और बहुवारवा गांवों के किसानों ने भाग लिया और अरहर उत्पादन की उन्नत तकनीकों पर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
चम्पारण नीति / बेतिया (प.च.) आज कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के सभागार में अरहर (तुर) में खरपतवार नियंत्रण विषयक एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में माधोपुर, सेनुवारिया और बहुवारवा गांवों के किसानों ने भाग लिया और अरहर उत्पादन की उन्नत तकनीकों पर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
इस अवसर पर डॉ अभिषेक प्रताप सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ. हर्षा बी.आर. (विषय विशेषज्ञ, फसल उत्पादन) डॉ चेलपुरी रामलू (कृषि यंत्रीकरण) डॉ. सौरभ दुबे (विषय विशेषज्ञ, पौध संरक्षण) डॉ जगपाल (मत्स्य विशेषज्ञ ) भी उपस्थित रहे । डॉ हर्षा बी.आर. किसानों को अरहर में पाए जाने वाले प्रमुख खरपतवारों की पहचान कराई और उनके नियंत्रण के उपाय बताए। उन्होंने विशेष रूप से काँग्रेस घास जिसको गाजर घास भी कहते है आगे उन्होंने कहा कि यह न केवल फसल की उपज को कम करती है, बल्कि मानव और पशुओं के लिए भी हानिकारक है। इसका समय पर नियंत्रण हेतु वैज्ञानिक विधियाँ और सुरक्षित खरपतवारनाशी तरीका अपनाना अत्यावश्यक होता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों से सवाल-जवाब के क्रम में अपनी शंकाओं का समाधान किया। किसानों ने ऐसे प्रशिक्षण को पअत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण उनके कृषि कार्यों को और सफल व लाभकारी बनाएंगे।

