सीबीएसई की नई तीन भाषा नीति से विद्यार्थियों को मिलेगा बहुभाषी भविष्य का आधार

सीबीएसई की नई तीन भाषा नीति से विद्यार्थियों को मिलेगा बहुभाषी भविष्य का आधार

जीतेन्द्र पाठक (मुंगेर):केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा लागू की जा रही नई तीन भाषा नीति को शिक्षा जगत में विद्यार्थियों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों में बहुभाषिक क्षमता विकसित करना मातृभाषा एवं भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान बढ़ाना तथा उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर बेहतर अवसरों के लिए तैयार करना है। इस संबंध में सरस्वती विद्या मंदिर दौलतपुर जमालपुर के उप प्रधानाचार्य एवं विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान उत्तर पूर्व क्षेत्र के क्षेत्रीय संयोजक संतोष कुमार ने कहा की नई शिक्षा नीति के अंतर्गत सीबीएसई की तीन भाषा व्यवस्था विद्यार्थियों को सांस्कृतिक और बौद्धिक रूप से समृद्ध बनाएगी उन्होंने स्पष्ट किया की तीसरी भाषा के लिए कक्षा 10 में अलग से बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं होगी इसका मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आंतरिक रूप से किया जाएगा जिससे विद्यार्थियों पर अतिरिक्त परीक्षा का दबाव नहीं पड़ेगा उन्होंने अभिभावकों एवं शिक्षकों से अपील की कि वह स्मृति को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखें और बच्चों को विभिन्न भाषाओं के अध्ययन के लिए प्रोत्साहित करें ताकि वे अधिक भाषाएं अधिक समझ और बेहतर भविष्य के लक्ष्य को साकार कर सके।

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