धौनी स्टेशन ट्रेन ठहराव मामला: मालदा डीआरएम ने जीएम ऑफिस हावड़ा भेजा प्रस्ताव, अब बांका सांसद के साथ पूर्व रेलवे के जीएम से मिलेगा संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल

धौनी स्टेशन ट्रेन ठहराव मामला: मालदा डीआरएम ने जीएम ऑफिस हावड़ा भेजा प्रस्ताव, अब बांका सांसद के साथ पूर्व रेलवे के जीएम से मिलेगा संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल

​रजौन,बांका :- भागलपुर-मंदारहिल रेलखंड के धौनी रेलवे स्टेशन पर कविगुरु एक्सप्रेस (13015/16) के ठहराव की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब एक निर्णायक और बड़े स्तर पर पहुंच गया है। गुरुवार को धौनी रेलवे स्टेशन परिसर में रेल संघर्ष समिति के अध्यक्ष सिकंदर यादव की अध्यक्षता में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई, जिसमें मालदा डीआरएम कार्यालय से लौटे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने वहां हुई वार्ता की पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की। बैठक में मालदा गए प्रतिनिधिमंडल के वरिष्ठ सदस्य प्रो. जीवन प्रसाद सिंह एवं विष्णुदेव ठाकुर ने बताया कि जब उन्होंने मालदा में डीआरएम से मुलाकात कर स्वीकृत आदेश को लागू करने का अल्टीमेटम दिया, तो डीआरएम ने स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर से धौनी स्टेशन पर ठहराव और सुविधाओं की मांग को अनुमोदित करके पूर्व रेलवे के मुख्य कार्यालय (जीएम ऑफिस, हावड़ा) भेज दिया गया है। मालदा डीआरएम ने प्रतिनिधिमंडल को सुझाव देते हुए कहा कि इन सभी मांगों को अंतिम रूप से लागू करने का अधिकार केवल जीएम (महाप्रबंधक) महोदय के पास ही है, इसलिए यदि समिति के सदस्य अपने क्षेत्रीय सांसद महोदय के साथ एक बार हावड़ा जाकर जीएम से मिल लें, तो यह कार्य तत्काल प्रभाव से धरातल पर उतर जाएगा। मालदा डीआरएम से मिले इस ठोस इनपुट के बाद बैठक में सर्वसम्मति से आगे की रणनीति के लिए दो बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इसके तहत पहला प्रस्ताव यह पास हुआ कि रेल संघर्ष समिति का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल बहुत जल्द बांका के सांसद गिरधारी यादव से मुलाकात करेगा। वहीं दूसरे प्रस्ताव के तहत सांसद गिरधारी यादव के नेतृत्व और सहयोग से समिति के सदस्य पूर्व रेलवे के जीएम से हावड़ा में मुलाकात करेंगे, ताकि धौनी स्टेशन पर ट्रेन के प्रायोगिक ठहराव के आदेश को अविलंब जमीनी स्तर पर लागू कराया जा सके। संघर्ष समिति के अध्यक्ष सिकंदर यादव ने कहा कि अब पूरी रणनीति साफ हो चुकी है और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर पूर्व रेलवे के जीएम के समक्ष पूरी मुस्तैदी से बात रखी जाएगी, ताकि रेल प्रशासन की कागजी खानापूर्ति को खत्म कर धौनी स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित हो सके। हालांकि, समिति ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि इस उच्च स्तरीय वार्ता के बाद भी जल्द परिणाम नहीं निकला, तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

रिपोर्ट -केआर राव 

Post a Comment

0 Comments