अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम दिवस पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन।

अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम दिवस पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन।



(शहाबुद्दीन अहमद /चम्पारण नीति) 
बेतिया । सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के सचिव सह ब्रांड एंबेसडर ,स्वच्छ भारत मिशन  के डॉ एजाज अहमद (अधिवक्ता) ने कहा कि बच्चों के सम्मान व अधिकारों की रक्षा के लिए प्रत्येक वर्ष 12 जून को अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है! इसका आरंभ 2002 में किया गया ताकि विश्व के विभिन्न देशों में बच्चों के अधिकारों को संरक्षण प्रदान करते हुए नई पीढ़ी को शिक्षक से जोड़ा जाए !इस दिशा में संयुक्त राष्ट्र संघ एवं विभिन्न देशों की सरकारों ने सकारात्मक पहल करते हुए इसे अमलीजामा पहनाने का काम किया है !विगत 3 महीनों में बच्चों पर काम करने वाले संस्थाओं बचपन बचाओ आंदोलन ,कैलाश सत्यार्थी फाऊंडेशन, सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन एवं यूनिसेफ जैसे अनेक संगठनों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लॉकडाउन में बच्चों को उनके अपने घरों में ही प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है ,जो काफी चिंताजनक है !संयुक्त राष्ट्र संघ एवं भारत सरकार समेत विश्व के समस्त सरकारों ने इसे गंभीरता से लिया है ! संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब बच्चे अपने घरों में ही सुरक्षित नहीं हैं तो कैसे समाज में बच्चे को सुरक्षा मिल पाएगी !इसके लिए कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन एवं भारत सरकार के प्रयास से देश के विभिन्न जिलों में विभिन्न संस्थाएं इस दिशा में कार्य कर रही हैं! ताकि लोगों को जागृत किया जा सके! बेतिया पश्चिम चंपारण से सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन को कैलाश सत्यार्थी फाऊंडेशन द्वारा नामित किया गया है! इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर ,डॉ नीरज गुप्ता, कला मंच की संयोजक ,शाहीन परवीन एवं बिहार विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के डॉ0 शाहनवाज अली ने कहा कि हमारे बच्चे कल के हमारे देश के भविष्य हैं! इनके जीवन को सुरक्षित किए बगैर हम अपने लक्ष्य को नहीं पा सकते! लॉकडाउन में अभिभावकों को एवं बच्चों को काउंसलिंग के माध्यम से जागृत करने की जरूरत है ,ताकि विश्व की नई पीढ़ी को संरक्षित किया जा सके! इसके लिए जिले में जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि बच्चों पर होने वाले घरेलू हिंसा को रोका जा सके! 

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