नवजात शिशु का शव सड़क पर फेंका मिला। आखिर कौन है जिम्मेदार?

नवजात शिशु का शव सड़क पर फेंका मिला। आखिर कौन है जिम्मेदार?

(शहाबुद्दीन अहमद/चम्पारण नीति) 
 बेतिया । स्थानीय नगर थाना क्षेत्र के हॉस्पिटल रोड में डॉक्टर सूफिया तबस्सुम व बरमकी नेट- मेट दवा दुकान के ठीक सामने एक 6 से 7 महीने का नवजात शिशु, किसी अज्ञात महिला का ऐसा लग रहा है की डीएनसी करके सड़क पर जीर्ण - शिर्ण स्थिति में फेंका गया था । जिसे कुत्ते नोच कर खा रहे थे । ऐसी स्थिति में, मानवता का दुहाई देते हुए, आफताब रोशन सेवा केंद्र (ट्रस्ट) के राष्ट्रीय सचिव, मोहम्मद साहेब एस एस खान उर्फ आफताब रोशन ने पत्रकार को फोन करके इस बात की  सूचना देते हुए, समाजसेवी होने के नाते इंसानियत का फर्ज अदा  किया । उस सड़क पर फेंके हुए नवजात शिशु को स्थानीय लोगों के साथ मिलकर दफना दिया गया । स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना नित्य दिन घटने के कारण मानवता शर्मसार हो जाती है तथा सनसनी फैल ने के साथ आम जनता जमा हो कर इसकी निंदा तो करते हैं। मगर फिर वही ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ होती रहती है।
स्थानीय हॉस्पिटल रोड में बहुत से ऐसे डॉक्टरों, नर्सों नर्सिंग होम अवस्थित है ,जिनका ना तो रजिस्ट्रेशन , नहीं लाइसेंस और ना ही इस तरह के कार्य करने की अनुमति है । बहुत सारे नर्सिंग होम ,डॉक्टर का क्लीनिक इस रोड में अवस्थित है, जो गैर लाइसेंसी और बिना निबंधन, अनुमति के चल रहे हैं, मगर अस्पताल प्रशासन व सिविल सर्जन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है, साथ ही खामोशी से मूकदर्शक बने हुए हैं, इस तरह के घृणित कुकर्म, जघन्य अपराध घट रहे हैं, भ्रूण हत्या जैसे घिनौनी हरकत करने वाले डॉक्टरों ,नर्सों, नर्सिंग होम पर जिला प्रशासन, अस्पताल प्रशासन व सिविल सर्जन के द्वारा इस पर त्वरित कार्रवाई करने की जरूरत है, साथ ही नर्सिंग होम, डॉक्टरों के क्लीनिक की विधिवत जांच की आवश्यकता है, और उनका रजिस्ट्रेशन नंबर, लाइसेंस, प्रमाण पत्र, काम करने की अनुमति की जांच की जाए ताकि वस्तु स्थिति सामने आ सके और इस तरह की घिनौनी हरकत नवजात शिशुओं के साथ नहीं हो सके। 

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