शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग के साथ दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि।

शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग के साथ दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि।


(शहाबुद्दीन अहमद/ चम्पारण नीति) 
बेतिया । अमर शहीद, शहीद-ए-आजम, राम प्रसाद बिस्मिल की 123 वी जन्मदिवस पर सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के सचिव - सह- अंतर्राष्ट्रीय पीस एंबेस्डर डॉ एजाज अहमद अधिवक्ता ने महान स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद, शहीद-ए-आजम, राम प्रसाद बिस्मिल की 123 वी जन्मदिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राम प्रसाद बिस्मिल का जन्म आज ही के दिन आज से 123 वर्ष पूर्व 11 जून 1897 ई0 को हुआ था! उनका सारा जीवन मातृभूमि की स्वतंत्रता एवं हिंदू -मुस्लिम एकता के लिए समर्पित रहा! अपने 30 वर्षों के अल्पायु में उन्होंने राष्ट्रीय एकता , अखंडता एवं मातृभूमि की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया !धर्म जाति से ऊपर उठकर भारत को स्वतंत्रता प्रदान करने एवं भारत में सुख शांति समृद्धि एवं विकास के लिए हर संभव प्रयास किया, इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर ,डॉ नीरज गुप्ता ,पश्चिम चंपारण कला मंच की संयोजक, शाहीन परवीन, बिहार विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के डॉ0 शाहनवाज अली ,वरिष्ठ पर्यावरणविद, अमित कुमार लोहिया ने कहा कि शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में जिला में एक विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय संग्रहालय की मांग, सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन सरकार से विगत एक दशक से कर रही है,जिला में विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय संग्रहालय के निर्माण से इस क्षेत्र में समाज के आर्थिक रूप से कमजोर एवं उपेक्षित वर्ग के बच्चों को उच्च शिक्षा मिल पाएगी,जिससे क्षेत्र में एक नई जागृति आ सकेगी, जिसका सपना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ स्वतंत्रता सेनानियों ने देखा था, जो शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि कही जा सकती है। 

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