बेलोनी गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन


       कटोरिया से अरविंद कुमार सिंह का रिपोर्ट
कटोरिया के कंटेनमेंट जोन बेलौनी गांव के ग्रामीणों ने गांव में लगाये गए बैरिकेडिंग के पास शुक्रवार को प्रशासनिक व्यवस्था के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना हें  कि लॉकडाउन के बीच देश के अलग-अलग जगहों से कुल ग्यारह प्रवासी गांव आये। जिन्हें बिना जांच के गांव के सरकारी विद्यालय स्थित कोरेनटाइन सेंटर पर रखा गया। जहां प्रशासन की ओर से खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। सारा ध्यान प्रवासी के परिजन ही रखते थे। लेकिन कुछ दिन के बाद उन्हें विद्यालय की शिक्षिका आरती देवी एवं उनके पति द्वारा घर भेज दिया गया। साथ ही होम कोरेनटाइन में रहने की बात कही गई। होम कोरेनटाइन में भेजने के समय भी उनकी जांच नहीं कराई गई।  बताया गया कि 14 से 15 दिन के होम कोरेनटाइन के बाद आशा कार्यकर्ता द्वारा प्रवासियों एवं उनके परिवार के सदस्यों को जांच के लिए रेफरल अस्पताल जाने को कहा गया। प्रवासी एवं उनके परिजनों ने  हाई स्कूल में जांच कराने के बाद सभी घर चले आए। बताया गया कि जांच के पांच दिन बाद रिपोर्ट आई जिसमें दो प्रवासियों को कोरोना से संक्रमित पाया गया। जिन्हें प्रशासन द्वारा आइसोलेशन सेंटर ले जाया गया। इसके दूसरे दिन गांव में आये अन्य प्रवासियों को भी आइसोलेशन सेंटर ले जाया गया। बताया गया कि अब प्रशासन के अधिकारी प्रवासियों के पूरे परिवार को आइसोलेशन सेंटर ले जाने की तैयारी में हैं।  जिससे ग्रामीणों को अपने मवेशियों एवं घर की सुरक्षा की चिंता सता रही है। 

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