आक्रोशित आदिवासी ने वन विभाग को पेड़ लगाने से रोका।

आक्रोशित आदिवासी ने वन विभाग को पेड़ लगाने से रोका।

 आमोद दुबे व्यूरो की रिपोर्ट


बांका:(चांदन)जिले के चांदन प्रखंड के बिरनिया पंचायत अंतर्गत गरभुडीह गांव में वन विभाग द्वारा पेड़ लगाने का मामला उस वक्त काफी तूल पकड़ गया, जब कई गांव के ग्रामीण तीर धनुष,ढोल नगाड़े,औऱ अन्य हरवे हथियार के साथ इकठ्ठा हो गए।और वन विभाग के अधिकारी और चांदन थाना से गये एक पुलिस अधिकारी को बंधक बना लिया।बाद में सैफ जवानों के साथ खुद थानाध्यक्ष श्रवण कुमार, स अ नि खुर्शीद आलम घटना स्थल पर पहुँच गए। लेकिन वहां सैकड़ों की संख्या में पुझार,नैया और आदिवासी परिवार के स्त्री-पुरुष बच्चे की एकजुटता देखकर सभी पदाधिकारियों के पसीने छूट गए। वन विभाग के अधिकारी जहां ग्रामीणों से खुद भी पेड़ लगाने और उसके पैसे वन विभाग से लेने का अनुनय विनय करते दिखे ।वही ग्रामीण किसी भी हालत में अपने घर के पास वाली जमीन पर पेड़ लगवाने को तैयार नहीं हुए। काफी समझाने बुझाने के बाद भी जब वन विभाग और पुलिस विभाग को सफलता नहीं मिली तो सभी पदाधिकारी वहां से निकल गए। स्थानीय ग्रामीणों का कहना था कि वे सभी भूमिहीन है और कई पूर्वजों से उसी जमीन पर घर बनाकर रह रहे हैं और खेती बारी कर अपना परिवार पाल रहे हैं। वहीं वन विभाग उन्हें बेदखल करना चाह रहा है। इसलिए वे अपनी जमीन पर कोई पेड़ लगाने नहीं देंगे।

वनपाल अशोक कुमार झा ने बताया कि कानूनी कार्रवाई के लिए अब बड़े पदाधिकारियों से सलाह मशवरे के बाद पेड़ लगाने का काम शुरू किया जाएगा।दर्जन भर ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वन विभाग के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद राय द्वारा सेकड़ो गरीब परिवार से 5 से 10 हजार तक कि राशि लेकर खेती करने की छूट दी जा रही है।जो ग्रामीण पैसा नही दे रहा है।उसी की जमीन पर पेड़ लगाया जा रहा है।

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