विश्व पटल पर कोविडोलाॅजी नामक पुस्तक युवाओं को प्रेरित करते रहेगी :मनोज केशान

विश्व पटल पर कोविडोलाॅजी नामक पुस्तक युवाओं को प्रेरित करते रहेगी :मनोज केशान



(डेक्स चम्पारण नीति) 
बेतिया। चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई द्वारा कोविड-19 पर आधारित पुस्तक‘‘कोविडोलाॅजी‘‘  को विश्वभर में सराहना मिल रही है। पुस्तक को सार्क देशों को भी भेजा जा रहा है तथा इसका किन्डले ई-संस्करण अमेजाॅन पर भी उपलब्ध हो गया है। यह पुस्तक विश्वविद्यालय के कोविड-19 अस्पताल में 200 से अधिक मरीजों के सफल प्रबन्धन, इलाज के अनुभवों, शोध कार्यों एवं चिकित्सकीय प्रोटोकाॅल्स पर आधारित है। यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति एवं पुस्तक के प्रमुख अन्वेषक एवं प्रधान सम्पादक प्रो0 डा0 राजकुमार ने दी। उन्होंने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में ‘‘कोविडोलाॅजी‘‘ पुस्तक चिकित्सा जगत में कोविड इलाज एवं मैनेजमेंट के लिए बेहद कारगर साबित होगी। उन्होंने यह भी बताया कि पुस्तक में विश्वविद्यालय के व्यापक रणनीतिक सोच, प्रभावी बुनियादी ढांचे के विकास, बेहतर प्रबंधन, वैज्ञानिक अध्ययन एवं रिसर्च कार्यों का समायोजन है। यह पुस्तक कोविड के इलाज में लगे संस्थानों, अस्पतालों, चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों एवं अन्य हेल्थ केयर वकर्स के लिए एक बेहद उपयोगी संदर्भिका के रूप में मार्गदर्शन करने के साथ ही बेहतर कोविड-19 प्रबन्धन हेतु भी मार्गदर्शन प्रदान करेगी।
विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डा0 रमाकान्त यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय का कोविड-19 अस्पताल सिम्प्टोमैटिक एवं गंभीर कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए ‘लेवल 3-प्लस सेन्टर‘ की श्रेणी का निर्दिष्ट उच्चस्तरीय अस्पताल है। यहाॅ भर्ती कोविड मरीजों के इलाज के अनुभवों पर यह पुस्तक ‘‘कोविडोलाॅजी‘‘ लिखी गयी है। उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान कोविड-19 महामारी का इलाज खोजने की दिशा में किये गये शोध कार्यों तथा सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप विश्वविद्यायल ने कोविड-19 के इलाज में कारगर विश्व का प्रथम ‘ऐलोवैदिक औषधी-आरएनबी‘ भी तैयार किया है, जिसका सतत् परीक्षण सामन्विक एलोपैथिक मेडिसिनल रिसर्च प्रैक्टिसेज एण्ड गाइडलाइन्स के अनुसार किया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे रैन्डमाइज्ड कन्ट्रोल्ड ट्रायल के परिणाम भी आने वाले समय में जल्दी ही प्रकाशित किये जायेंगे जिससे आने वाले दिनों में इस नवीन औषधी की उपयोगिता सत्यापित हो सकेगी।
‘‘कोविडोलाॅजी‘‘ पुस्तक के सम्पादकीय टीम ने बताया कि सम्बन्धित पुस्तक विश्वविद्यालय के कुलपति एवं जाने माने न्यूरोसर्जन प्रो0 डा0 राजकुमार के मार्गदर्शन में लिखी गयी एक उत्कृष्ट पुस्तक है जिसमें कोविड-19 के विभिन्न पहलूओं पर विस्तार से विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा प्रकाश डाला गया है। उन्होंने यह भी बताया कि विश्व की पहली कोविड-19 के सफल इलाज से मिले अनुभव पर आधारित पुस्तक ‘‘कोविडोलाॅजी‘‘ को प्रकाशित कर विश्वविद्यालय ने नया कीर्तिमान बनाया है तथा अब इस पुस्तक का किन्डले ई-संस्करण अमेजाॅन पर भी उपलब्ध हो चुका है जिसे हेल्थ वर्कस के अलावा कोई भी व्यक्ति अपनी सुविधा के अनुसार आसानी से पढ़ सकता है।
मनोज केशान कांग्रेस पार्टी वरिष्ठ नेता ने वाचस्पति व एशिया प्रमुख न्यूरो सर्जन प्रो राजकुमार को महामारी काल मे
दिये गये विश्व पटल पर कोविडोलाॅजी नामक पुस्तक देकर युवाओं को प्रेरित किया है। मै आदरणीय राजकुमार का आभार व्यक्त करता हूँ।

(स्त्रोत -: मनोज केशान के द्वारा भेजे गए प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ।)