( डेक्स चम्पारण नीति)
चनपटिया। शिकराना नदी के प्रकोप के कारण बाढ़ पीड़ितों
लोगों के बीच प्रशासन के द्वारा राहत सामग्री नहीं पहुंचाने के कारण मनीष कश्यप के द्वारा चनपटीया के कृषि बाजार समिति के प्रांगण में मनीष कश्यप एवं सीपीआई नेता जगन्नाथ यादव के नेतृत्व में सभी बाढ़ पीड़ित महादलित परिवार अनशन पर बैठ गये।
इस दौरान लोगों ने बीडीओ व सीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। नाराज लोगों का कहना था कि हम सभी महादलित परिवार के लोग हैं। बीते करीब दो सप्ताह से हमलोगों के घर मे बाढ़ का पानी घुस जाने से कृषि बाजार के गोदाम के शेड में शरण लिए हुए हैं। राहत सामग्री के नाम पर सिर्फ व सिर्फ एक बार अंचलकर्मियों के द्वारा एक किलो चूड़ा, गुड़ व चना दिया गया है। इसके बाद अभी तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने सुध लेना भी मुनासिब नहीं समझा।
ईधर अनशन पर बैठने की सूचना मिलते ही पहुँची चनपटिया पुलिस ने समझा-बुझाकर अनशन खत्म कराया। वही समाजसेवी मनीष कश्यप ने बताया कि कोरोना महामारी है और इसका डर दिखाकर चनपटिया ब्लॉक में लाखों नहीं करोडों-अरबों का घोटाला हुआ है। इन सभी अधिकारियों को पता है कि कोरोना के दौरान ना कोई प्रदर्शन कर सकता है ना ही आवाज उठा सकता। इसी के वजह से अधिकारी बाढ़ में गरीबों का हक मार लिए हैं। जिलाधिकारी से चनपटिया बीडीओ, सीओ एवं आरओ के कार्यकाल के दौरान हुए अनियमितताओं की जाँच करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग भी किया।
( स्रोत - व्हाट्सएप पर मनीष कश्यप के द्वारा भेजी गई सूचना के अनुसार ।)

