बांका: (चांदन): जिले के चांदन प्रखंड में इन दिनों धान में होने वाली भिनभिनिया नाम बीमारी से किसान बुरी तरह प्रभावित है।इस बीमारी से धान की फसल पूरी तरह लगातार बर्बाद हो रहा है।साथ ही इसका पुआल भी किसी काम नही आता है।चांदन, बिरनिया, सिलजोरी, गौरीपुर, कोरिया,सहित अनेक पंचायतो में 500 एकड़ से अधिक की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुका है।किसानों की माने तो यह बीमारी किसी खेत के एक जगह पर शुरू होते ही रात भर में पूरे खेत को पूरी तरह जला देती है सारा फसल की जड़ कमजोर होने से वह जमीन पर गिर जाता है। औऱ देखते देखते पूरी खेत की फसल के साथ लगातार दूसरे खेत मे भी यह बीमारी फैल जाती है। इस बीमारी लगे पुआल से जो बदबू आती है वह काफी खराब होता है। जिस कारण जानवर भी इसे नही खा सकते है।
कहाँ है सबसे अधिक प्रभावित,- -
प्रखंड मुख्यालय के सिलजोरी, पैलवा,भनरा,कसई, बियाही, गोपडीह, कदरसा, गोविंदपुर, डूमरथर,पलार, भेलगरो सहित कई गांव में अच्छी फसल होने के बाबजूद इस बीमारी ने किसानों की कमर तोड़ दिया है।कुछ जगहों पर तो किसान फसल को इस बीमारी से बचाव के लिए हरे फसल की ही कटाई कर रहा है। किसान सीताराम यादव,बंशी यादव,वकील यादव, बासुकीनाथ दुबे,महेंद्र राय ने बताया कि अच्छी पैदावार होने से किसान काफी खुश थे।पर इस बीमारी से हमलोगों की परेशानी बढ़ा दिया है।पूरा का पूरा खेत रातोरात बर्बाद हो रहा है।
क्या कहते है अधिकारी-- इस बीमारी को ग्रामीण भाषा में भिनभिनिया कहा जाता है।जबकि इसका नाम ब्रॉउन प्लांट हॉपर (बी पी एच) है और यह दुर्गा पूजा और दीपावली के बीच मुख्य रूप से धान में लगता है ,इसकी दवा प्रोफेनोफोस वन एमएल के साथ साइपर मेथ्रिन वन एमएल मिलाकर स्प्रे करने पर तुरंत रोक लग सकती है।इस दवा का स्प्रे धान की बाली पर नहीं बल्कि बाली और जड़ के बीच वाले भाग में नॉजल रखकर स्प्रे करना पड़ता है। जो इस बीमारी से बचाव का सबसे अच्छा औऱ सस्ता उपाय है।-अशोक कुमार राय कृषि समन्वयक चांदन कृषि विभाग