शहाबुद्दीन अहमद/ बेतिया।
स्थानीय नगर थाना क्षेत्र के, आम्रपाली होटल के सभागार में आयोजित गोष्ठी की, अध्यक्षता कर रहे, पूर्व वायु सैनिक मिसाइल इंजीनियर, विजय कश्यप ने, अपने अध्यक्षीय संबोधन में, विजय कश्यप ने कहा कि संविधान निर्माण भारत की एक महती आवश्यकता थी, जिसे देश के 299 विद्वतजनों ने मिलकर की। अंग्रेजो के द्वारा संप्रभुत्व संपन्न गणराज्य हेतु संविधान निर्माण की शर्त ने हमें एक विश्व का अद्वितीय संविधान दिया, जिसे हमने आत्मअर्पित किया। काश यह संविधान पूरी तरह चालू होने के साथ लागू भी किया गया होता, तो हमारा भारत और विश्व का अद्वितीय राष्ट्र बन गया होता। मुख्य अतिथि, नंदकिशोर चौधरी ने प्रस्तावना में समता एवं न्याय पर जोर देते हुए राष्ट्र को इसके लिए ध्यान देने का आवाहन किया। विशिष्ट अतिथि, शीला मिश्रा ने अनुच्छेद 341 एवं 342 के लाभुकों को अपनी पात्रता बढ़ाने तथा पात्रता के लिए उन्हें शिक्षा के अवसर को ठीक करने तथा सुविधाओं पर विशेष बल देने तथा इसके लिए स्वयं को अर्पित किया। गोष्टी को ओम प्रकाश प्रसाद, डॉक्टर देवी लाल यादव ,डॉक्टर गोरख प्रसाद मस्ताना ,कृष्णा प्रसाद, संतोष कुमार शर्मा आदि ने मुख्य रूप से संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन, डॉ रमेश एवं ललन यादव ने संयुक्त रूप से किया। संगोष्ठी में तमाम कोचिंग संस्थानों तथा विद्यालयों के शिक्षकों, अधिवक्ताओं एवं शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का प्रारंभ संविधान की प्रस्तावना पढ़कर किया गया, इस कार्यक्रम के संयोजक ,राजेश रंजन ने संवाददाता को बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को संविधान के प्रति जागरूकता पैदा करने की एवं संविधान के प्रति लोगों को श्रद्धा व्यक्त करने, इस पर अमल करने की जिज्ञासा व्यक्त की, उन्होंने आगे बताया कि कानून को कभी भी अपने हाथों में लेकर इसकी उल्लंघन नहीं करना चाहिए और संविधान के अंतर्गत काम करने की कोशिश करनी चाहिए,तथा इस पर विश्वास बनाए रखने की आवश्यकता है, अधिवक्ता ,रवि कुमार ने अनुच्छेद 340 केंद्र के निर्देशानुसार देश की 70% आबादी को इनके संख्या अनुपात में न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका में स्थान देने तथा राष्ट्र के विकास में उनको उपयोगिता को याद दिलाया गया। शहर के विख्यात हार्ट रोग व किडनी विशेषज्ञ, डॉक्टर शंभू राम ने प्रस्तावना में वर्णित व्यक्ति की स्वतंत्रता, गरिमा एवं बंधुत्व पर बल देते हुए अपने अपने धर्मों को पकड़कर रखने की बात बताई, तथा जन जन तक इस को पहुंचाने के लिए अपील की।
विशिष्ट अतिथि, डॉक्टर शब्बीर ने अनुच्छेद 19 में अभिवंचित की स्वतंत्रता को खतरे में होना बताया।
विशिष्ट अतिथि, ओम प्रकाश प्रसाद ने 314 आईएएस को ट्रेनिंग के बावजूद योगदान नहीं कराए जाने को देश की 70% आबादी के साथ अन्याय करार दिया। विशिष्ट अतिथि, संतोष शर्मा ने ओबीसी आयोग गठित कर ,ओबीसी की अलग से गणना किए जाने पर बल दिया।
अंत में सभा के समापन की घोषणा,प्रबुद्ध भारती बिहार के बी के कश्यप ने किया।


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