शाहबुद्दीन अहमद/बेतिया।
जिले में पंचायत चुनाव की डुगडुगी बज गई है, इस क्रम में, पंचायत चुनाव में पिछड़े वर्ग की 127 जातियों को आरक्षण का लाभ मिलेगा । पंचायत चुनाव में इन जाति के प्रत्याशियों को नामांकन पत्र के साथ जाति प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। जाति प्रमाण पत्र सही नहीं पाए जाने पर उनका नामांकन पत्र रद्द कर दिया जाएगा, अथवा गलत जाति प्रमाण पत्र देने पर उनकी सदस्यता चली जाएगी।
बिहार पंचायत चुनाव अधिनियम में, अत्यंत पिछड़े वर्गों के लिए (एनेक्सचर 1) में कुल 127 जातियां शामिल है, इनमें कपरिया, कानून ,कलंदर, केवट, कादर, कोरा, खटवा, खंगार, खटीक, गंगोता, चाय, चापोती,तुरहा, धानुक,नोनिया,बालदार, माली, कसाई (मुस्लिम), छिपी, तिली, रंगरेज,सिंदुरिया, जैसी जातियां शामिल है।
पंचायत चुनाव में सभी स्तर के पदों में आरक्षण का प्रावधान किया गया है, चाहे वह वार्ड सदस्य ,मुखिया ,पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, ग्राम कचहरी के पंच ,ग्राम कचहरी के सरपंच का पद क्यों नहीं हो।
इन सभी स्तर के पदों पर अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और पिछड़े वर्ग (अनेक्सर -1) में शामिल जातियों को आरक्षण का लाभ दिया जाएगा ,सभी स्तर के आरक्षित पदों में आधी सीटें उसी वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी गई हैं, चाहे वह सामान्य वर्ग की सीट हो ,या अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या पिछडा वर्ग की सीट हो, पंचायत चुनाव में आरक्षण का आधार वर्ष 2011 की जनगणना को बनाया गया है, पंचायत आम चुनाव में भी आरक्षण का प्रावधान जनगणना 2011 के अनुसार ही होगा।


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