थिएटर मुख्य किरदार अब इस दुनिया में नहीं रहे-सरकारी नौकरी से त्याग देकर वे कला क्षेत्र में कूद पड़े थे-शोभा-सम्राट,गुलाब- विकास,विजय जैसे थियेटर में पूरी जिंदगी समर्पित कर गए

थिएटर मुख्य किरदार अब इस दुनिया में नहीं रहे-सरकारी नौकरी से त्याग देकर वे कला क्षेत्र में कूद पड़े थे-शोभा-सम्राट,गुलाब- विकास,विजय जैसे थियेटर में पूरी जिंदगी समर्पित कर गए



बांका (रजौन):साहित्य,नाटक,संगीत..जैसे कला के विशाल क्षितिज पर समय-समय पर एक से एक कलाकार का बांका की धरती पर पर्दापण होता रहा है व बांका के इतिहास को समृद्ध करता रहा है।इस समृद्ध इतिहास में रजौन प्रखंड का भी अहम स्थान हैं।अगर स्वर्ण अक्षरों से कला जगत का इतिहास लिखा जाता रहा था,तो इसके पीछे समय-समय पर उभरे कलाकारों,साहित्यकारों का ही विशेष योगदान हैं।कला की दुनिया में मशहूर हुए सम्राट-शोभा थिएटर के मुख्य किरदार महावीर साह का करीब 85 वर्ष की उम्र में 21 जनवरी को निधन हो गया है।दिवंगत महावीर साह के पुत्र देवेश उर्फ गुड्डू ने बताया कि वे कला की दुनिया में वे बांका जिला के भितिया में पदस्थापित मलेरिया इंस्पेक्टर के पद से त्यागपत्र देकर कला की दुनिया में कूद पड़े थे।नाटक के लिए यात्रा पार्टी से जुड़े और आगे बढ़ते गए।उनके पुत्र के अनुसार, घर-परिवार को पिताजी ने त्याग दिया था।इससे हमलोगों को जीवन जीने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।पिताजी उस वक्त बॉलीवुड में ट्रायल मारने के लिए मुंबई भी गए थे।काफ़ी सहर्ष के बाद भी मुख्य भूमिका नहीं मिलने की वज़ह से पुनः थियेटर का रूख  कर लिए थे।वे पूरी जिंदगी नाटक-थियेटर में समर्पित कर गए।महावीर साह कला की दुनिया में काफी माशूर रहने की वजह से मंचीय नाम मुरली मनोहर भागलपूरी के नाम से जाने जाते रहे थे।शोभा- सम्राट विजय,गुलाब विकास थिएटर आदि थियेटर में लैला मजनू,फरहाद और अनारकली की भी विशेष भूमिका निभा चुके थे।उनके निधन पर रजौन बाजार निवासी सशक्त नाटककार,वक्ता सह जेपी सेनानी अरुण प्रसाद सिंह उर्फ 'मधुकर'ने बताया महावीर साह नाटक कला मंच से लेकर थिएटर,सर्कस अन्य कला की दुनिया में जिला-राज्य से लेकर पड़ोसी देश तक नाम कमाएं थे।उन्होंने कला की दुनिया में जो नाम रोशन किया है,कभी भी कला प्रेमी से लेकर आम प्रखंडवासी भूल नहीं सकते।वे कला की दुनिया में काफी चर्चित व्यक्तियों में से एक थे।उनके निधन से कला जगत में एक युग का अंत हो गया है।आगे नाटककार अरुण प्रसाद सिंह उर्फ मधुकर ने बताया कि रजौन बाजार के ही मशहूर हारमोनियम वादक शंभू नाथ पांडेय,हास्य कलाकार  सह रूप सज्जाकार छेदीलाल चवरखानी ऐसे कई प्रसिद्ध कलाकार अब इस दुनिया में नहीं रहने से कलाकारों, साहित्यकारों,पत्रकारों व कला प्रेमियों में बड़ा गैप छोड़ गए हैं।महावीर साह अपने साथ दिवेश एवं शंभू साह सहित भरा पड़ा परिवार छोड़ गए हैं।उनके बड़े पुत्र शंभू साह रजौन बाजार सहित आसपास के इलाके में प्रशिद्ध अखबार विक्रेता रहे है। वहीं,दूसरे पुत्र देवेश उर्फ गुड्डू घर-घर होम ट्यूशन पढ़ाकर किसी तरह जीवनयापन कर रहे है।
रिपोर्ट: कुमुद रंजन राव

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