पंचायत चुनाव की डुगडुगी बजने के बाद अब नामांकन शुल्क की हुई घोषणा।

पंचायत चुनाव की डुगडुगी बजने के बाद अब नामांकन शुल्क की हुई घोषणा।

शाहबुद्दीन अहमद/ बेतिया।

बिहार राजय पंचायती विभाग के द्वारा पंचायतों में होने वाले चुनाव के लिए विभिन्न पदों पर चुनाव लड़ने वालों के लिए चुनाव की तैयारी करने में, नामांकन शुल्क की घोषणा कर दी गई है ,इस घोषणा के अनुसार विभिन्न पदों पर चुनाव लड़ने वाले अभ्यार्थियों को अपने नामांकन करने के पूर्व नामांकन शुल्क जमा करना पड़ेगा, इसी क्रम में सरकार ने, ₹250 से लेकर ₹2000 तक नामांकन शुल्क देना अनिवार्य कर दिया है, हालांकि महिला, अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के प्रत्याशियों को आधा शुल्क ही देना पड़ेगा ,साथ ही नामांकन शुल्क वापस नहीं होगा।

राज्य निर्वाचन आयोग ने यह निर्णय लिया है कि पिछले चुनाव की तुलना में इस बार नामांकन शुल्क में कोई तब्दीली नहीं की गई है ,पंचायत चुनाव में कोई भी व्यक्ति किसी पद के लिए 2 से अधिक नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर सकेंगे, हालांकि इसके लिए एक ही नामांकन शुल्क देना पड़ेगा ,दूसरी ओर एक व्यक्ति एक साथ एक से अधिक पद के लिए चुनाव लड़ सकता है, लेकिन उन्हें अलग-अलग पद के लिए अलग-अलग नामांकन पत्र दाखिल करना होगा, नामांकन शुल्क भी अलग-अलग देना पड़ेगा।

किस पद के लिए कितना नामांकन शुल्क देना है, इस संदर्भ में सरकार ने घोषणा की है कि ग्राम कचहरी के पंच व ग्राम पंचायत सदस्य के लिए ₹250 नामांकन शुल्क देना होगा, इसी पद पर महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के प्रत्याशियों को ₹125 देना होगा।

मुखिया ,सरपंच और पंचायत समिति के सदस्य पद के लिए एक हजार रुपया नामांकन शुल्क देना होगा, इन्हीं पदों के लिए महिला ,अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के लिए ₹500 नामांकन शुल्क देना पड़ेगा।

 जिला परिषद सदस्य पद के लिए  दो हजार रुपया नामांकन शुल्क अदा करना पड़ेगा, साथ ही इन्हीं पदों के लिए महिला ,अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के लिए ₹1000 देना पड़ेगा।

अनारक्षित पद पर अगर कोई आरक्षित कोटि का अभ्यार्थी नामांकन करता है तो उसे महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़ा वर्गो के लिए उतना ही लगेगा।

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