रजौन(बांका) :चुनाव के परिणाम के बावजूद भी राजनीति में नूरा- कुश्ती का खेल चलते रहना एवं कई दांव-पेच बरकरार रह जाता है।कुछ यूं ही 160, धोरैया विधानसभा चुनाव परिणाम में राजद की जीत के बावजूद वर्तमान राजद विधायक भूदेव चौधरी के साथ मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजद विधायक भूदेव चौधरी के महाधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस से चार सप्ताह की मोहलत मांगी गई थी।जस्टिस ने 12 जुलाई सोमवार को सुनवाई के क्रम में राजद विधायक भूदेव चौधरी के महाधिवक्ता के दलील को खारिज करते हुए चार सप्ताह के स्थान पर मात्र दो दिन का समय मुकर्रर करते हुए 15 जुलाई की तिथि निर्धारित कर दी गई है।इस कारण राजद विधायक सहित उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं में बेचैनी बढ़ा दी है।पक्ष विपक्ष दोनों ओर से कार्यकर्ता मंदिर मस्जिद पहुंचकर अपने-अपने पक्ष के लिए दुआएं मांग रहे हैं। j
चुनावी हलफनामा में अपने ऊपर पूर्व में हुए केस या सूचना छुपाए जाने पर कोर्ट द्वारा कई उदाहरण हैं।जिसमें सदस्यता रद्द कर दी जा चुकी है।इसी के तहत जदयू के पराजित पूर्व विधायक मनीष कुमार द्वारा भारत के सर्वोच्च न्यायालय में केस दर्ज कराया गया और कोर्ट द्वारा संज्ञान भी ले लिया गया है।
श्री चौधरी पर द्वारा भागलपुर न्यायालय में चल रहे विचाराधीन मामले को चुनावी हलफनामा में छुपाया गया है,जो जबरन जमीन हड़पकर कब्जा करने से संबंधित कैश सं०- 468/15 मोजाहिदपुर थाना में लंबित रहने के बावजूद विधानसभा चुनाव-2020 के हलफनामा में नहीं दर्शाना विधायक के लिए चिंता का विषय बन गया है।मनीष कुमार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर किए गए केस की सुनवाई जस्टिस नरीमन के बेंच में चल रही है। सुनवाई की तिथि 12 जुलाई मुकर की गई थी। कोर्ट द्वारा भेजे गए नोटिस का जवाब देने की अंतिम तिथि एक जुलाई तक मुकर्रर की थी ।
विशेष सूत्रों से पता चला है कि भूदेव चौधरी द्वारा बीट कोर्ट से आए दो-दो नोटिस को अस्वीकार कर वापस कर दिया गया था।सुप्रीम कोर्ट द्वारा श्री चौधरी द्वारा भरे गये हलफनामे में दर्ज आवासीय पता ग्राम लगेपुर, पोस्ट जगदीशपुर के पते द्वारा नोटिस भेजी गई थी।एक बार मीटिस को स्वीकार नहीं प्रथम बार सुप्रीम कोर्ट द्वारा 11मई-2021 को भेजी गए नोटिस को स्वीकार नहीं करने पर पुन: चार जून को इसी पते पर नोटिस भेजी गई थी।
अब देखना यह है कि इस कानूनी दांव पेंच में गेंद किस पाले गिरेगा और अंततः जीत किसकी होगी? कोर्ट में यह हवाला दिया गया है कि केस को जानबूझकर इसलिए छिपाया गया क्योंकि उन्हें डर है कि इस केस के उजागर होने से केस करने वाले पीड़ित के जाति का मत भूदेव चौधरी को नहीं मिल पाता।
साथ ही सुप्रीम कोर्ट के अलावा आम मतदाता की ओर से रजौन निवासी (उपरामा) बमशंकर चौधरी द्वारा पटना उच्च न्यायालय में भी केस दर्ज कराया गया है। लेकिन कोरोना महामारी के कारण सात मई 2021को होने वाली निर्धारित सुनवाई प्रकार की तिथि को बहस नहीं हो पाई थी।अब पटना हाई कोर्ट में भी अगले तिथि के लिए रामशंकर चौधरी को एवं समस्त जदयू के समर्थकों सहित धोरैया विधानसभा वासी को बेसब्री से इंतजार है।
रिपोर्ट :- के आर राव