मानिकपुर में नही पहुंची विकास की किरण

 बांका (चांदन):प्रखंड मुख्यालय से महज पांच सौ मीटर दूरी पर स्थित गौरीपुर पंचायत का मानिकपुर टोला आज तक हर प्रकार के विकास से कोसो दूर है। इस गांव को कई बर्ष पूर्व चांदन पंचायत से काटकर नौ किलोमीटर दूरी गौरीपुर पंचायत से जोड़ दिया गया। यहां तक कि वार्ड का नामकरण भी मानिकपुर की जगह बाराटांड़  कर दिया गया।जबकि आबादी में मानिकपुर बड़ा गांव है। इतना ही नहीं मानिकपुर टोला में लगभग साठ से सत्तर घर है,झारखंड राज्य से बिहार को अलग हुए तकरीबन बीस साल का सांल का समय बीत चुका है। लेकिन सांसद से लेकर विधायक,जिला पार्षद,मुखिया,पंसस, से लेकर वार्ड सदस्य तक किसी ने भी इस गांव के विकास पर कभी कोई ध्यान नही दिया। इतना ही नही इस गांव में न तो शिक्षा के लिए कोई विद्यालय है औऱ न ही कोई आंगनबाड़ी केंद्र ही आज थ बना है। जबकि इसी गांव में रेलवे स्टेशन अवस्थित है। इसलिए स्टेशन के बाद गांव आने में काफी परेशानी होती है।एक नलजल योजना हाल ही में बना है लेकिन उसकी सुविधा भी लोगो को नही मिल पा रहा है। अब चुनाव नजदीक आते ही एक बार फिर  प्रतिनिधि हाथ जोड़कर वोट मांगने आने लगे है ।  इस संबंध में स्थानीय निवासी सोनेलाल तिवारी,अमरेंद्र तिवारी, मनोज तिवारी, अरविंद तिवारी,वार्ड सदस्या उषा देवी,बिजय तिवारी सहित अन्य ने बताया कि चुनाव के बाद सभी प्रतिनिधि इस गांव का रास्ता तक भूल जाते है।ऐसे मै गांव के लोगो को सोच समझ कर चुनाव में अपनी भूमिका निभानी होगी।तभी गांव का विकास हो सकेगा।



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