बांका:चंपारण नीति की पहल पर एक उजड़ा परिवार थानाध्यक्ष की नेक नियति के कारण एक बार फिर मिल गया।और दोनों पति पत्नी की खुशियां वापस लौट आयी। 14 जनवरी को चंपारण नीति में छपी" प्रेम विवाह के बाद पत्नी को छोड़ पति फरार" खबर के बाद प्रेमिका बनी पत्नी ने थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाया गया था।आवेदन के बाद थानाध्यक्ष रविशंकर कुमार खुद मामले की देखरेख करने लगे, और उन्होंने दोनों पक्षों को मिलाने का भरपूर प्रयास किया। इस दौरान आरोपी पति राहुल कुमार के पिता मदन चौधरी को थाना बुलाया गया और उसके पिता को समझा-बुझाकर अपने बेटे को पत्नी के साथ रहने को तैयार कर लिया ।मुकदमे के डर से लड़के के पिता ने भी थानाध्यक्ष की बात को स्वीकार करते हुए फरार अपने बेटे को थाना पहुंचाया। जहां थाना अध्यक्ष द्वारा लड़के को समझाने बुझाने के बाद अपनी पत्नी के साथ लड़के को अपने ससुराल भेज दिया। जहां वह अपनी पत्नी के साथ खुशी पूर्वक रहा है। साथ ही साथ लड़के के पिता मदन चौधरी ने एक सप्ताह के अंदर अपने बेटे को जगह जमीन और घर लेकर अलग बसाने का भी आश्वासन दिया, और कहा कि जब मेरे बेटे ने प्रेम विवाह किया है तो मैं भी उसकी खुशी में ही अपनी खुशी पाता हुं। इस प्रकार दो बिछड़ा परिवार एक बार फिर एक हो गया। इस आपसी मिलन के बाद जहां परिवार की खुशी लौट आयी है।वही दोनों परिवार ने इसके लिए चंपारण नीति औऱ थानाध्यक्ष को धन्यवाद दिया है।

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