बांका: मनरेगा में जांच के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। चांदन प्रखंड के दक्षिणी कसबा बसीला में बिना काम कराए सरकारी राशि की निकासी का मामला सामने आया है। इस संबंध में डीएम सुहर्ष भगत के निर्देश पर मनरेगा के आठ अधिकारियों और कर्मियों पर एफआइआर दर्ज कराया गया है। साथ ही दक्षिणी कसबा बसीला पंचायत की तत्कालीन मुखिया उषा किरण को भी इसमें नामजद किया गया है। दक्षिणी कसबा बसीला पंचायत में जिस काम को दिखाकर पैसे की निकासी की गई, वह काम दूसरे विभाग की योजना से कराया गया था। जांच के दौरान मामला सामने आया। कुछ कार्यों की मापी कराने पर कम पाया गया। इस मामले में मनरेगा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी संजय कुमार ने चांदन प्रखंड के तत्कालीन कार्यक्रम पदाधिकारी सुरेश पासवान और निबूलाल प्रसाद, वर्तमान कार्यक्रम पदाधिकारी नरेश कुमार, तत्कालीन कनीय अभियंता रमेश कुमार आजाद, तत्कालीन कनीय अभियंता राकेश कुमार रौशन, दक्षिणीकसबा बसीला पंचायत के रोजगार सेवक नवल किशोर मंडल, तत्कालीन रोजगार सेवक कुमार आनंद शेखर और मुखिया उषा किरण पर एफआइआर दर्ज कराया गया है। कार्रवाई तीन योजनाओं की जांच के आधार पर की गई है। इसमें 27 लाख की राशि में अधिकांश का गलत तरीके से निकासी कर लिया गया है। मालूम हो कि पंचायत की पूर्व मुखिया उषा किरण, राजद की जिला महासचिव सह पूर्व जिला पार्षद मिठन यादव की पत्नी है। कनीय अभियंता पर दो माह पहले भी हो चुकी है कार्रवाई कनीय अभियंता रमेश कुमार आजाद पर दो माह पूर्व कटोरिया प्रखंड में एफआइआर दर्ज कराया गया है। ज्ञात हो कि मनरेगा की योजनाओं में कई जगहों से शिकायत मिल रही है, इन सभी मामलों की जांच कराई जा रही है। मनरेगा के काम में किसी तरह की अनियमितता पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। हर प्रखंड में योजनाओं की होनी है जांच लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा के तहत काम कराए जा रहे हैं। साथ ही विभागीय स्तर पर इन योजनाओं की मानीटरिग भी की जा रही है। जिले की सभी 182 पंचायतों में काम कराया जा रहा है। किसी भी स्तर पर लापरवाही और अनियमितता का मामले पाए जाने पर कार्रवाई की जा रही है।

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