बांका:बिहार सरकार के आदेश पर जिला प्रशासन द्वारा वैसे दलित परिवार को जिसके पास अपनी जमीन नही है उसे पैसा देकर जमीन खरीदने और आवास बनाने में सहयोग करने की पहल की जा रही है। वही चांदन प्रखंड में कई दर्जन ऐसे परिवार भी है जो सरकारी जमीन का फर्जी कागजात बनवा कर जमाबंदी दर्ज करवा कर उस जमीन पर कब्जा कर बैठे है। वही दूसरी ही गरीब परिवार को 70 के दशक में सेकड़ो परिवार को एक एक एकड़ जमीन बंदोबस्त किया गया है। जो जमीन किसी भी हालत में अहस्तांतरणीय होता है। लेकिन इस जमीन की भी भूमाफिया की मिलीभगत में बिक्री जारी है। जिसमे कुछ की जमाबंदी भी दर्ज हो गया है। जबकि अधिकतर जमीन पर झारखंड के बड़े बड़े लोगो का मकान बन चुका है या बनने की तैयारी की जा रही है। इस बंदोबस्त जमीन की सबसे अधिक बिक्री बिरनिया पंचायत के दर्दमारा सीमा से सिलजोरी मोड़ तक देवघर चांदन पक्की सड़क के पश्चिम दिशा में अवस्थित है। सरकार द्वारा बंदोबस्त की गई एक एक एकड़ जमीन में से उस समय बनने वाला हरिजन कालोनी को छोड़ कई परिवारों ने अपनी जमीन भूमाफिया के हाथों बेच दिया जिसे भूमाफिया द्वारा ऊंची कीमत पर स्थानीय और झारखंड के कुछ लोगो के पास बेच कर मालामाल हो गये है। वही दूसरी को खतियान पूरी तरह बिहार सरकार की जमीन को फर्जी,बंदोबस्ती, हुकमनमा,पट्टा, दानपत्र बनवा कर एक लोग अपने नाम रसीद कटा रहे है।इसमे कई परिवार ऐसे है जो अपने परिवार के हर सदस्यों के नाम जमाबंदी दर्ज करा कर उसे बेच चुके है। या बेचने की तैयारी कर रहे है।इस पर जागरण में सरकारी पोखर की जमाबंदी शीर्षक से खबर छपने के बाद ब्रेक लगा है। इस संबंध में सीओ प्रशांत शांडिल्य ने बताया कि कई दर्जन जमाबंदी का पता लगाकर उसे रद्द करने के लिए रिपोर्ट अपर समाहर्ता को भेजा जा रहा है।

0 Comments
आप सभी हमें अपना कॉमेंट / संदेश भेज सकते हैं...