रजौन, बांका : सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भागलपुर से भलजोर तक पुराना राज्य राजमार्ग संख्या 19 को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 133 ई घोषित कर दिया गया है। नव घोषित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 133 ई किए जाने के फरमान को देखते हुए राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल पथ निर्माण विभाग भागलपुर के कार्यपालक अभियंता द्वारा गजट प्रकाशन को लेकर भू-अर्जन के लिए बांका सक्षम पदाधिकारी सह जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के नाम से 9 फरवरी 2022 को पत्र जारी किया गया था। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सह सक्षम पदाधिकारी द्वारा 15 फरवरी को जारी पत्र के आदेश पर रजौन सीओ मोहम्मद मोइनुद्दीन ने मुख्य सड़क मार्ग पुनसिया, धौनी बाजार, रजौन बाजार, तेरह माइल तक 17 फरवरी गुरुवार से ही मार्किंग करवाते हुए सरकारी अतिक्रमित स्थाई एवं अस्थाई जमीन को 20 फरवरी रविवार तक खाली कर देने का चेतावनी दिया जा रहा है। दिए गए पत्र के आलोक में सड़क परिवहन एवं राज मंत्रालय भारत सरकार के आदेश पर भागलपुर-हंसडीहा मुख्य सड़क मार्ग के दोनों ओर सड़क किनारों पर किए गए अतिक्रमण को लेकर सक्षम पदाधिकारियों के निर्देश पर बिहार सरकार एवं लोक भूमि की जमीन से अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन द्वारा माइकिंग की गई। अंचल कार्यालय द्वारा 20 फरवरी तक भूमि खाली करने का सख्त निर्देश आम नागरिकों एवं व्यवसायियों को ई-रिक्शा से माइकिंग के जरिए दिया गया। भागलपुर-हंसडीहा मुख्य सड़क मार्ग पर अवस्थित पुनसिया बाजार, रजौन बाजार, राजावर मोड़ से लेकर भागलपुर जिले के जगदीशपुर बॉर्डर तक ई-रिक्शा से माइकिंग के द्वारा लोगों से अपील करते हुए 20 फरवरी तक अवैध तरीके से कब्जा किए गए सरकारी जमीन स्वयं खाली कर देने को कहा गया है, साथ ही कहा गया है कि उक्त समय सीमा के अंदर अगर अतिक्रमित भूमि को खाली नहीं किया गया तो प्रशासन द्वारा खाली करवाया जाएगा। इस दौरान जो भी खर्च आएगा उसे अतिक्रमणकारियों से ही वसूला जाएगा। सीओ मोहम्मद मोइनुद्दीन ने बताया कि राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल पथ निर्माण विभाग भागलपुर के कार्यपालक अभियंता द्वारा रजौन प्रखंड सह अंचल अंतर्गत जोहराचक, मोरामा, पुराना कठवन अब का कठौन एवं नरीपा मौजा में विशेष रुप से जमीन भू-अर्जन कराने के लिए कहा गया है। इसी कड़ी में पुनसिया बाजार पूरे सड़क किनारे बाजार सहित चौक से पूरब धोरैया रोड एवं पुनसिया चौक से पश्चिम अजीत नगर रोड को सीओ मोहम्मद मोइनुद्दीन ने अंचल अमीन से मापी कराने के उपरांत चिन्हित करते हुए अतिक्रमित सरकारी जमीन को खाली कराने की चेतावनी दी गई थी। जिसके आलोक में अतिक्रमित जमीन को बाजारवासी अतिक्रमण मुक्त करने में लग गए हैं। यहां तक रजौन बाजार के व्यवसाई वर्ग एवं अन्य लोग अतिक्रमित सरकारी जमीन को खाली करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है।
रिपोर्ट:केआर राव
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