संग्रामपुर से पंकज सिंह की रिपोर्ट
संग्रामपुर (मुंगेर) 23 मार्च 2022 को ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन एवं ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन ने संयुक्त तत्वाधान में सैकड़ों छात्र नौजवानों ने 23 मार्च शहीद-ए-आजम भगत सिंह के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के मौके पर जुलूस निकाला. जुलूस में छात्र नौजवान अपने -अपने हाथों में भगत सिंह का तस्वीर लिए शहर के सभी मुख्य प्रमुख मार्गो का भ्रमण कर संग्रामपुर मोर बस स्टैंड के निकट सहादत समारोह स्थल पहुंचे. जुलूस में 23 मार्च राष्ट्रीय दिवस घोषित करना होगा, भगत सिंह अमर रहे. साम्राज्यवाद पूंजीवाद का नाश हो. भगत सिंह के विचारों को गांव शहर में फैला दो आदि नारों से पूरा शहर गुंजायमान हो गया. जुलूस का नेतृत्व ए आई डी एस ओ के सांगठनिक सचिव गुड्डू कुमार, निक्कू कुमार कर रहे थे. समारोह के आरंभ में भगत सिंह के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित किया गया. समारोह की अध्यक्षता सेवा निवृत्त शिक्षक श्री सुभितलाल सिंह कर रहे थे. उन्होंने अपने संबोधन में कहा एक ऐसा जमाना था जब हजारों छात्र नौजवान भगत सिंह बनना चाहते थे. आज दुख के साथ कहना पड़ता है वह ललक कहां चला गया. समारोह के मुख्य अतिथि डॉ पूजा कुमारी ने कहीं की आज हम ऐसे वीर योद्धा के शहादत समारोह में शामिल हुए हैं जिन्होंने अपने कैरियर के तौर पर देश सेवा करना ही बड़ा काम समझा था. शहादत समारोह के मौके पर मौजूद एस यू सी आई कम्युनिस्ट के जिला सचिव कृष्ण देव साहू ने समारोह में उपस्थित छात्र नौजवानों के समक्ष भगत सिंह के आजादी आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की लंबी चर्चा करते हुए कहा अंग्रेजों की गुलामी में जिस देश में एक दिन आजादी आंदोलन में उबलते संघर्ष के असर से युवाओं में योवन जाग उठा था. आंदोलन के वीर सेनानियों को जीवन का आदर्श के तौर पर अपनाया था. जहां झुंड के झुंड युवा इंसानियत हासिल कर आजादी आंदोलन में शामिल हुए थे. आज वह देश कहां है, आज वह देश मृतप्राय है, मुरझाया हुआ है, श्री शाह ने कहा भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु जीवन देकर चले गए आज हमें अपने आप से पूछना होगा, क्या हम सचमुच उनके त्याग और बलिदान को समझ पाए. अगर उनके बलिदान और जीवन संघर्ष को सही तरीके से समझनी हौ , तो उनके अधूरे सपनों को साकार करने के लिए पूंजीवाद विरोधी, मनुष्य के द्वारा मनुष्य के शोषण के खिलाफ क्रांतिकारी संघर्ष में खुद को शामिल करना होगा. समाज के दबे कुचले लोगों की कराह सुनना होगा.
समारोह में उपस्थित सनी कुमार, अमन कुमार, शिवम कुमार, मनीष कुमार, मुकेश कुमार, सोनू कुमार चौधरी, कुमार शर्मा, एकता कुमारी, इतवारी मांझी आदि काफी संख्या में लोग शामिल थे।
