पीएचइडी विभाग की अनदेखी से कहीं पेयजल के लिए हाहाकार तो कहीं हो रही है जल की बर्बाद

दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट

शंभुगंज ( बांका ) :  प्रखंड क्षेत्र में सात निश्चय का हर घर नल जल योजना हो अथवा पीएचइडी विभाग की योजना की स्थिति ठीक नहीं है। विभाग के तंत्रों की कमजोरी के कारण आमलोगों को पेयजल के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करसोप , बिरनौधा , मिर्जापुर , गुलनी , झखरा , बेलारी इत्यादि अन्य पंचायतों में अधिकांश जलमीनार शोभा की वस्तु बनकर रह गया है। लोगों को पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा है। सबसे खराब स्थिति गुलनी पंचायत की है। इस पंचायत में वार्ड संख्या पांच , छह , सात , आठ एवं नौ में हर घरों तक पेयजल पहुंचाने का जिम्मा पीएचइडी विभाग ने लिया। विभाग द्वारा करीब पांच वर्ष पहले से बोरिंग एवं पाइप लाइन बिछाने का काम किया।इसके वाबजूद भी सैकड़ों घर पेयजल से वंचित है ।ग्रामीणों की लगातार शिकायत पर एक माह पहले पीएचइडी विभाग द्वारा वार्ड संख्या छः, सात ,आठ और नौ में नल जल का मात्र 13 कनिकेशन लगाया , उसकी भी हालत पंचर हो गई है। संवेदक द्वारा एक तो जगह-जगह डी कंपनी का पाइप बिछाया है , उसमें भी गुणवत्तापूर्ण काम नहीं हुआ । जिसका परिणाम है कि पंप चालू होते ही पाइप से पानी सड़क पर बहने लगता है ।ग्रामीण डी के सिंह राठौर , विकास सिंह , पांडव सिंह सहित अन्य ने बताया कि विभाग की उदासीन रवैये के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।पंचायत में पिछले पांच वर्षों से तो जलापूर्ति सिर्फ विभाग के कागजों पर होते आ रही है। अब स्थिति है कि जगह-जगह पाइप दरकने के कारण पानी घरों तक न पहुंच सड़कों पर बर्बाद हो रही है । गुलनी यूको बैंक शाखा के समीप जलजमाव के कारण पैदल चलना भी मुश्किल है ।शिकायत के बाद भी संवेदक कुछ सुनते नहीं हैं , विभाग का कोई ध्यान नहीं है।बताया कि यदि अविलंव समस्या समाधान नहीं होती है तो इसकी शिकायत डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक की जाएगी।इस संबंध में पीएचइडी विभाग के कनीय अभियंता मिंटू कुमार ने समस्या समाधान करने की बात कही है।

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