दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : सरकार एक तरफ बाल विवाह और दहेज उन्मूलन को समाप्त करने के लिए गंभीर है। इसके लिए लोगों को लगातार जागरूक करने का भी काम जारी है। इसके विपरीत कुछ दहेज दानव सरकार के इस अभियान को सिर्फ दरकिनार ही नहीं कर रहे हैं , बल्कि दहेज के खातिर हिंसा करने पर भी उतारू हो रहे हैं। ऐसा ही मामला कुंथा गांव में आया है ।दहेज के लिए एक नशेड़ी पति ने अपनी पत्नी को दो दिनों तक बंद कमरे में प्रताड़ित करते रहा।मायका वालों और पुलिस की मदद से महिला को बंधक मुक्त किया गया।फुल्लीडुमर थाना क्षेत्र के पीड़िता ललिता देवी ने बताया कि करीब तीन वर्ष पूर्व हिंदू रीति रिवाज से शादी कुंथा गांव के प्रिंस कुमार से हुई ।शादी से एक पुत्री भी हुई ।पुत्री जन्म लेते ही प्रिंस के मन में उदासी छा गई। वे बराबर मायका से पैसे मांगने पर दबाब बनाने लगे।अक्सर शाम को वे नशा सेवन कर आते हैं और मारपीट शुरू कर देते हैं ।शनिवार की शाम जब पैसे के लिए गाली - गलौज करने पर विरोध शुरू कर दिया। इस पर पति ने बंद कमरे में ले जाकर बेरहमी से मारपीट शुरू कर दिया। किसी तरह पड़ोसी ने इसकी जानकारी मायका वाले को दिया। सूचना पर जब पिता अरविंद सादव , भाई निखील कुमार आए तो पति ने उनके साथ भी बुरा व्यवहार किया।अन्त में पुलिस की मदद से किसी तरह घर से बाहर निकाला गया। पीड़िता ने पुलिस से स्पष्ट बताया कि पति कभी भी जान ले सकते हैं। थानाध्यक्ष पंकज कुमार राउत ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
