सरकारी योजनाओं को सफल बनाने में संवाद महती भूमिका निभाता है:पी.नरहरि


(आदित्य दुबे / चम्पारण नीति ) 
भोपल।आत्मनिर्भर बनने के लिए करोड़ों योजनाओं को लक्ष्य तक छत जरूरी है जिसके लिए कम्युनिकेशन जरूरी हो जाता है। वे अपनी बात को रखते हुए कहते हैं कि शासकीय योजनाओं को संवाद के द्वारा ही सफल बनाया जाता है और योजनाओं का लाभ कम्यूनिकेशन से ही संभव हो पाता है।
इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश के मीडिया और पीआर प्रोफेशनल्स ने भाग लिया।
25 दिसंबर को शाम 6:00 बजे कार्यक्रम की शुरुआत मध्य प्रदेश के चिकित्सा मंत्री कैलाश विश्वास सारंग की उपस्थिति में की गई। इसी कांफ्रेंस के दूसरे दिन सुबह सत्र के पहले मुख्य अतिथि और वक्ता के रूप में पी नरहरि, सेक्रेटरी उद्योग मध्य प्रदेश शासन, मनु श्रीवास्तव ,प्रिंसिपल से क्रेट्री, नियोजन आउटलेट, मध्यप्रदेश शासन, अनुराग बत्रा, नियुक्त प्रमुखता और नई दिल्ली उपस्थिति, व्यवसाय विश्व नई दिल्ली उपस्थिति रहे। सत्र की अध्यक्षता रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलाधिपति संतोष चौबे द्वारा की गई। सत्र के दूसरे नशे के रूप में मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव, नौका विहार मध्य प्रदेश शासन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मनोरंजन को संतृप्त करने के लिए दुर्घटना और दुर्घटना को पुल करने की आवश्यकता है। इसके अलावा इंडस्ट्री की मांग के होश से पाठ्यक्रम में भी बदलाव की जरूरत है। उन्होंने एनर्जी को रिन्यूअल एनर्जी पर विचार करते हुए कहा कि यह पर्यावरण के साथ-साथ आर्थिक जगत के लिए भी लाभ है। आज नियमित एनर्जी से 100 करोड़ शेयर एनर्जी कोस्ट कम हो गया है। इस अवसर पर गुजरात विद्यापीठ के मास कम्युनिकेशन विभाग के प्रोफेसर सोनल पांड्या ने कहा कि भारतीय मूल्य और ज्ञान परंपरा को संरक्षित और वैश्विक फलक प्रदान करने में आधुनिक मीडिया प्रौद्योगिकी प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर संतोष रहे चौबे ने कहा कि कोविड-19 के बाद भारत आत्मनिर्भरता की ओर एक सफल कदम है। आगे उन्होंने कहा कि आज आत्मनिर्भर भारत का फोकस कृषि कृषि और खाद्य क्षेत्र पर है होना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास को जरूरी बताया। 
चीफ जनरल मैनेजर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा किया गया। ध्रुबा ज्योति पति ने विचार व्यक्त करते हुए आज कहा कि पीआर हर क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रहा है और इसका फलक भी काफी हद तक फैल गया है। उन्होंने कहा कि लेकर आज घरानों से सरकारी-गैर-सरकारी क्षेत्रों में इसकी महती भूमिका हो सकती है। उन्होंने कहा कि आज पीआर के क्षेत्र में नवाचार जरूरी है। वह सभागार में उपस्थित लोगों से पीआर के नए क्षेत्रों और उनके विस्तार के बारे में शेयर किया। इसी क्रम में अनुभा श्रीवास्तव हैंडलूम सेक्टर और कारीगर पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से हैंडलूम कारीगरों का निर्माण किया जा रहा है। इस दिशा में मीडिया प्लेयर्स की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। वे हैंडलूम सेक्टर की दिशा में कूदते महकमे के तरफ से स्थिति को स्थिर करने की बात कहते हैं। ही साथ हैंडलूम सेक्टर को भारतीय गौरव के साथ आत्मसात करने की बात कही। पी हर्षा भार्गवी ने क्लाइमेट चेंज किया है और एग्रीकल्चर पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि किसान भाइयों को मीडिया प्लेटफॉर्म द्वारा सूचना पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मीडिया प्लेयर नॉलेज इनहेंसिङ मे अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि डिजिटाइजेशन बैंकिंग सिस्टम में पैराडाइम सिफ्ट लाया गया है जिससे कम्युनिकेशन डाउनवैड स्टेप मे संभावित हो गया है।

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