दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : प्रखंड क्षेत्र में पानी की समस्या दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है क्षेत्र के अधिकांश सरकारी विद्यालयों में पीएचइडी विभाग के चापानल की स्थिति दयनीय है। कहीं वर्षों से चापानल खराब होने की शिकायत है तो कहीं चापानल से गंदा पानी निकलने की शिकायत मिल रही है। चापानल ठीक करने के नाम पर विभाग सिर्फ कागजी कालम पूरा कर रही है। इस क्रम में राजकीय मध्य विद्यालय करंजा में पिछले एक वर्षों से चापानल खराब है।गर्मी के दिनों में बच्चे पानी पीने के लिए तरस रहे हैं। विद्यालय के शिक्षक तो किसी तरह बोतलबंद पानी से अपनी प्यास बुझा लेते हैं , लेकिन करीब दो सौ से अधिक बच्चों को पानी पीने के लिए घर अथवा समीप के तालाब के पास बने समर्सेबल पर जाना पड़ता है। पीएचइडी विभाग की अव्यवस्था पर विद्यालय के शिक्षक , बच्चों के अलावा ग्रामीणों में भी नाराजगी व्याप्त है।विद्यालय प्रबंध शिक्षा समिति के सदस्य ममता कुमारी सहित अन्य ग्रामीणों ने व्यवस्था के खिलाफ आपत्ति व्यक्त की है। बताया कि गर्मी का समय है ,और पीने के लिए पानी नहीं है।बच्चे तालाब के समीप जाकर अपनी प्यास बुझाते हैं। यदि ऐसे में कोई बच्चा तालाब किनारे किसी दुर्घटना के शिकार हो जाता है तो इसका जिम्मेवार कौन होगा। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत डीएम से की है। इस संबंध में विद्यालय प्रभारी नंदन प्रसाद ने बताया कि विद्यालय में खराब चापानल की जानकारी पीएचइडी विभाग को दी गई है।विभाग सिर्फ आश्वासन दे रही है।वहीं पीएचइडी विभाग के कनीय अभियंता मिंटू कुमार ने बताया कि समस्या समाधान के लिए प्रयासरत हैं। विद्यालय में चापानल खराब की समस्या सिर्फ करंजा में नहीं , बल्कि करसोप , खपड़ा , कसबा , गुलनी-कुशाहा इत्यादि दर्जनों विद्यालयों में है।


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