सर्वोदय उच्च विद्यालय गुलनी कुशाहा के शौचालय में बंद रहता है ताला , खुले में शौच जाने पर विवश हो रहे बच्चे

सर्वोदय उच्च विद्यालय गुलनी कुशाहा के शौचालय में बंद रहता है ताला , खुले में शौच जाने पर विवश हो रहे बच्चे

दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट


शंभुगंज (बांका) : प्रखंड क्षेत्र में सरकारी विद्यालयों की स्थिति ठीक नहीं है। सरकार एक तरफ खुले में शौच पर पाबंदी लगाने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है , ताकि संक्रमण फैलने का खतरा नहीं हो। वहीं इस अभियान पर सरकारी तंत्रों द्वारा खुलेआम धज्जियां उड़ायी जा रही है।अब तो विद्यालय परिसर के शौचालय में भी ताला लगी रहती है।हम बात करते हैं सर्वोदय उच्च विद्यालय गुलनी - कुशाहा की।इस विद्यालय में करीब 344 छात्र - छात्राएं हैं।बच्चों की संख्या के हिसाब से कमरा प्रयाप्त नहीं है। स्कूल परिसर में बच्चों के बैठने के लिए बैंच की भी कमी है।किसी तरह पठन-पाठन की प्रक्रिया चल रही है।सरकारी फंड से यहां तीन शौचालय भी है , लेकिन तीनों में विद्यालय प्रबंधन द्वारा ताला लगा देने से सैकड़ों बच्चे खुले में शौच जाने पर विवश हो रहे हैं ।आश्चर्य तो इस बात पर है कि छात्राओं के शिकायत के बाद भी संक्रमण का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षकों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कार्यालय में ताला लगाने की बात तो ठीक है , लेकिन शौचालय में ताला लगाना सरासर गलत है। विद्यालय के दिव्यराज, अंकित कुमार, हर्षित कुमार,आयुष कुमार , प्रिया , नेहा सहित कई छात्र - छात्राओं ने बताया कि शौचालय में ताला बंद रहने के कारण खुले में शौच जाना पड़ता है।जब विद्यालय जांच में कोई आते हैं तो शिक्षक बंद शौचालय का ताला खोल देते हैं।जाने के बाद फिर ताला बंद कर देते हैं।विभाग द्वारा इस तरह का खेल बच्चों के साथ बेइमानी नहीं तो और क्या है। इस संबंध में विद्यालय प्रभारी आशा कुमारी ने बताया कि शौचालय में ताला बंद नहीं रहता है।बच्चे खुले में शौच नहीं जाते हैं ।


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