दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : प्रखंड क्षेत्र में पीएचइडी की लचर व्यवस्था से आमलोगों को काफी परेशानी का सामना पड़ रहा है। खासकर सरकारी विद्यालयों में विभाग की शिथिलता से बच्चे चापानल का दुषित पानी पीने के लिए विवश हैं। हम बात करते हैं बुनियादी विद्यालय गुलनी - कुशाहा की जहां पीएचइडी विभाग के कारण बच्चे कुपोषित हो रहे हैं।इस विद्यालय में अलग - अलग तीन चापानल लगा दिया है। जिसमें दो चापानल वर्षों से खराब है।तीसरे चापानल से गंदा पानी निकलता है। विद्यालय की रसोईया दुषित जल से एमडीएम भी बनाते हैं , और बच्चे अपनी प्यास भी बुझाते हैं।विद्यालय के महज सौ गज की दूरी पर पीएचइडी विभाग का जलमीनार है , लेकिन विद्यालय में आज तक पाइप - लाइन नहीं दिया गया।जिससे आज तक जलमीनार का लाभ बच्चों को नहीं मिल सका।विद्यालय में नामांकित छात्र - छात्राओं की संख्या करीब 240 है।इस विद्यालय परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित होता है। इसके बावजूद भी पेयजल की समस्या है।विद्यालय के बच्चे अभिनव , आकाश , सोनू , प्रिया , नेहा सहित अन्य ने बताया कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन तो खाते हैं , लेकिन पानी पीने के लिए घर जाना पड़ता है। बताया कि अधिक प्यास लगने पर चापानल का गंदा पानी पी लेते हैं । ऐसे में बच्चे कुपोषण का शिकार नहीं तो और क्या होगा। विद्यालय प्रभारी तिलोत्मा ने बताया कि इस समस्या के लिए कई बार पीएचइडी विभाग से लेकर प्रखंड बीआरसी में सूचना दी गई।हरेक बार गुरूगोष्ठी में भी इस मुद्दे को रखा गया , लेकिन आज तक समस्या समाधान नहीं हुआ। पीएचइडी विभाग के कनीय अभियंता मिंटू कुमार ने बताया कि समस्या समाधान के लिए प्रयासरत हैं। जल्द ही चापानल का मरम्मत होगा।


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