भानू सिंह के हत्यारों को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाने एवं रजौन थानाध्यक्ष को निलंबित करने की मांग को लेकर 5 घंटे तक लगा रहा महाजाम

भानू सिंह के हत्यारों को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाने एवं रजौन थानाध्यक्ष को निलंबित करने की मांग को लेकर 5 घंटे तक लगा रहा महाजाम

रजौन, बांका : रजौन बाजार निवासी सह मावंडिया उच्च विद्यालय बामदेव बाजार के सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अमरेंद्र सिंह के पुत्र आदित्य राज उर्फ भानू सिंह का शव सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद रजौन पहुंचते ही कोहराम मच गया। बता दें कि रविवार की रात्रि करीब 9 बजे के आसपास भागलपुर-हंसडीहा मुख्य सड़क मार्ग पर अवस्थित खैरा मोड़ के आगे नवनिर्मित पेट्रोल पंप के समीप अपराधियों ने भानू सिंह के सीने में गोली मार दी थी, जिसके बाद उसे आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रजौन लाया गया, जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के उपरांत बेहतर इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल भागलपुर मायागंज रेफर कर दिया, जिसके बाद भागलपुर ले जाने के क्रम में रास्ते में ही उसकी मौत हो गई, हालांकि परिजनों ने उसे मायागंज ले कर गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद दोपहर 2 बजे शव रजौन पहुंचते ही कोहराम मच गया और भानू सिंह के आक्रोशित परिजनों व समर्थकों ने हत्यारों को गिरफ्तार करने व रजौन थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह को अविलंब निलंबित करने सहित अन्य मांगों को लेकर रजौन प्रखंड मुख्यालय मोड़ के समीप मृतक के शव को सड़क पर रखकर भागलपुर-हंसडीहा मुख्य सड़क मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया और रजौन थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह के विरुद्ध जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। दोपहर 2:30 बजे से लेकर 7:30 बजे शाम तक करीब 5 घंटे तक भागलपुर-हंसडीहा मुख्य सड़क मार्ग पूर्णरूपेण अवरुद्ध रहने की वजह से आने-जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर बड़े एवं छोटे वाहनों की लंबी कतार लग गई। वहीं सड़क जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस बल को भी आक्रोशित लोगों के आक्रोश का जमकर सामना करना पड़ा। वहीं सड़क मार्ग से जाम हटाने को लेकर रजौन सर्किल इंस्पेक्टर वकील प्रसाद यादव, बीडीओ राजकुमार पंडित, सीओ मोहम्मद मोइनुद्दीन के द्वारा आक्रोशित परिजनों को समझाने की कोशिश भी नाकामयाब साबित हुई। इधर, आक्रोशित लोग रजौन थानाध्यक्ष को निलंबित करने की मांग पर अड़े रहे और पुलिस अधीक्षक व डीएम के आने के बाद ही शव को सड़क मार्ग से हटाने की बात पर अड़े रहे। करीब एक घंटे के बाद बांका के एसडीपीओ बिपिन बिहारी पहुंचे और सड़क मार्ग अवरुद्ध करने वाले लोगों से बातचीत की, लेकिन माहौल शांत होने की जगह और गर्म हो गया। वहीं सड़क मार्ग अवरुद्ध करने वाले लोगों का कहना था कि रजौन थानाध्यक्ष की सांठगांठ इस कांड से जुड़े हत्यारों से है। हत्यारों का रजौन थाना में अक्सर आना-जाना होता रहा है। इसका सबूत थाना परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज से मिल जाएगा। वहीं एसडीपीओ द्वारा हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा देने व थानाध्यक्ष को जांचोपरांत दोषी पाए जाने पर निलंबित करने का लिखित आश्वासन देने व परिजनों के लिखित आवेदन के आधार पर घटना की प्राथमिकी दर्ज करने के बाद देर संध्या करीब 7:30 बजे यातायात सुचारू हो सका। इधर परिजनों ने एसडीपीओ के नाम दिए लिखित आवेदन में इस हत्याकांड में चार लोगों को आरोपित किया गया है, जिसमें तेरह माइल के महताब आलम, राजीव कुमार तथा भूसिया ग्राम निवासी अमर रंजन उर्फ बब्बन वर्मा के पुत्र शुभम कुमार एवं वीनू कुमार को आरोपित किया गया है। वहीं सड़क जाम के क्रम में मृतक के पिता अमरेंद्र कुमार सिंह एवं माता नंदा देवी ने रोते-बिलखते व बेसुध अवस्था में इस हत्याकांड में अपने पुत्र के ससुराल वालों की संलिप्तता बताई है, वहीं एसडीपीओ बिपिन बिहारी के समक्ष मृतक के पिता ने भी मृतक के ससुराल वालों को दोषी ठहराया है। एसडीपीओ ने हर बिंदुओं की गहराई से जांच करते हुए मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। बयान दर्ज कराने के क्रम में पुलिस इंस्पेक्टर वकील प्रसाद यादव, अवर निरीक्षक रामाकांत सिंग, बीडीओ राजकुमार पंडित, सीओ मोहम्मद मोइनुद्दीन सहित काफी संख्या में मृतक के परिजन एवं समर्थक आदि उपस्थित थे।

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