सरकारी धर्मशाला के कमरे पर बाबू लोगो का कब्जा

बांका: कांवरिया पथ पर अब धीरे-धीरे यात्री की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार द्वारा यात्रियों को ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं रखी गई है। लेकिन सरकारी कर्मी ही उसका अधिक उपयोग कर रहे हैं। जिससे कांवर लेकर थके हरे कांवरिया को आराम करने में परेशानी हो रही है। प्रखंड का सबसे महत्वपूर्ण और एकमात्र सरकारी धर्मशाला गोड़ियारी जो हड़खार में नदी किनारे अवस्थित है। वहां के चार वीआईपी कमरे को छोड़ दे तो शेष 21 कमरों पर  सभी में बाबू लोगों का कब्जा हो गया है। जिससे किसी भी हालत में कांवरिया को आराम करने की सुविधा नहीं मिलती है। थके हारे कांवरिया को सिर्फ दो बरामदे और होल में सोने दिया जाता है। बताया जाता है कि इस धर्मशाला में कांवरिया के ठहरने और आराम के साथ साथ पेयजल, गर्म जल,आरओ की सुविधा,शोचालय स्वास्थ्य केंद्र भी उपलब्ध कराई गई है। लेकिन लेकिन सभी कमरे में सुरक्षा बल और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोग कब्जा जमा कर अपना ताला जड़ दिए हैं। धर्मशाला के आगे दो कमरा जहां एक पर अस्थाई थाना और एक में उप स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उपयोग किया जाता है। वहीं शेष सभी कमरों पर उन्हीं लोगों का कब्जा हो गया है। जिससे किसी भी कांवरिया को एक भी कमरा नसीब नहीं हो रहा है। रविवार को इस प्रतिनिधि द्वारा जब वहां का निरीक्षण किया गया तो पाया गया कि धर्मशाला के ऊपर के बरामदे और नीचे के खुले बरामदे में ही कांवरिया को जगह मिल पाती है। अत्यधिक भीड़ होने के कारण कांवरिया को आंगन में सोना पड़ता है। इस संबंध में पूछने पर सीओ प्रशांत शांडिल्य और बीडीओ राकेश कुमार का कहना है कि उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया है। अगर ऐसी बात है तो जल्दी ही कुछ कमरे को कांवरिया के लिए भी रखा जाएगा।



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