बांका: चांदन प्रखंड के सिलजोरी पंचायत के कसई गांव में सर्वे अमीन रंजन कुमार को रिश्वत के लिए बंधक बनाये जाने की खबर मंगलवार को चंपारण नीति में छपने के बाद सर्वे कार्यालय में कार्यरत सभी पंचायत के अमीन एंव अन्य कर्मियों में खलबली मच गई है।अब धीरे धीरे हर पंचायत में सर्वे अमीन पर मोटी रकम लेकर गलत नक्सा तैयार करने, सरकारी जमीन को दूसरे के दखल कब्जे में दिखाने सहित अन्य तरह का लोभ देकर वसूली का मामला सामने आ रहा है। लेकिन इस मामले में यह बात भी सामने आ रही है कि सभी सर्वे अमीन और सर्वे के अन्य कर्मी के द्वारा वसूली के लिए सभी गांव में तीन से चार दलाल रखा गया है। जो बराबर गांव के गरीब अनपढ़ लोगों को जमीन दिलाने के नाम पर उससे मोटी रकम वसूली करता है। और कुछ राशि सर्वे अमीन या सहकर्मी को देकर शेष राशि अपने पास रख लेते हैं । इस लोभ में अधिकतर वैसे लोग फंसते है जिसके पास कम जमीन है या वह बिहार सरकार की जमीन पर अवैध कब्जा कर बैठे है। उस जमीन को अपने नाम करवाने के लिए गरीब लोग लोभ में पड़ कर मोटी रकम देकर फंस जाते है। अगर सभी पंचायतों में इस दलालों पर अंकुश लग जाय तो निश्चित रूप से कई गरीब परिवार आर्थिक दोहन से बच जाएगा। और सर्वे का काम भी सही तरीके से हो सकेगा।

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