बांका
:चांदन कटोरिया पक्की सड़क पर नदी किनारे बुधवार को एक बार जनता और मजदूर सहित जमीन मालिक के बीच मारपीट की स्थिति उतपन्न हो गयी। तत्काल पुलिस को जानकारी होने पर मामले को शांत करते हुए उस विवादी जमीन पर हो रहे काम को रोक देने बाद मामला शांत हुआ। बताया जाता है कि यह जमीन देवघर के एक व्यक्ति छोटू यादव के द्वारा खरीदा गया है। जिसका कई बार घेराबंदी का प्रयास किया गया। लेकिन हर बार आम लोगो के विरोध के कारण काफी तनाव उतपन्न होने से हर बार काम बंद करना पड़ता है। ग्रामीणों का मानना है कि यह जमीन सरकारी है औऱ उसका गलत ढंग से खरीद कर अंचल कार्यालय की मिली भगत से उसकी दाखिल खारिज भी करा लिया गया है। और उसी के द्वारा उसकी घेराबंदी करने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे श्मशान तक जाने के लिए ग्रामीणों को कोई रास्ता नही रह जाता है जिससे लाश ले जाने में काफी परेशानी होगी। इससे पूर्व भी उस जमीन पर विवाद होने के कारण तत्कालीन सीओ प्रशांत शांडिल्य ने उस पूरे जमीन पर 144 लगाया था। जिसमे ग्रामीणों की ओर से चांदन सरपंच को विपक्षी बनाया गया था। लेकिन नोटिश मिलने के बाद भी सरपंच राकेश कुमार न्यायालय में उपस्थित नही हुए और अपना कोई लिखित बयान नही दिया जिस कारण उस वाद को एसडीएम द्वारा खारिज कर दिया गया। जिससे जमीन क्रेता को एक बार फिर जमीन घेराबंदीका मौका मिल गया । बुधवार सुबह काफी संख्या में मजदूर लेकर जब क्रेता छोटू यादव जमीन की घेराबंदी करवा रहा था, उसी समय काफी संख्या में ग्रामीण जमा हो गये औऱ मजदूरों सहित काम कराने वाले अन्य लोगो के साथ हाथापाई होने लगी। जिससे कई लोगों को चोट आयी, यहां तक की एक स्थानीय पत्रकार उमाकांत पोद्दार के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। बाद में पुलिस को सूचना देकर घटनास्थल पर बुलाया गया, और पुलिस ने दोनों पक्षों को कागजात के साथ जनता दरबार में उपस्थित होने को कहा। तब तक के लिए काम को बंद कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और वहां से सभी ग्रामीण चले गए। वहीं जमीन क्रेता छोटू यादव का कहना है कि उसने वह जमीन खतियान नहीं रैयत से खरीद किया है। जिसका दाखिल खारिज भी सभी कागजात को देखकर किया गया है। फिर भी ग्रामीण जबरन उस जमीन पर रास्ता मांग रहे हैं। जबकि स्थानीय मुखिया और अन्य गणमान्य लोगों के कहने पर उसने अपनी खरीद की जमीन से श्मशान तक जाने का रास्ता छोड़ दिया है। इससे कुछ मनचले ग्रामीण संतुष्ट नहीं है, और कुछ लोगों के बहकावे में आकर हमारे मजदूर के साथ मारपीट कर कई सामान गायब कर दिए हैं। इसकी लिखित शिकायत थाना को दे दिया गया है ।थानाध्यक्ष विष्णुदेव कुमार ने कहा कि दोनों पक्षों को समझा बूझकर कागजात की मांग की गई है। जिसका जमीनी कागजात सही होगा अंचल कार्यालय से अनुरोध कर आगे की कार्रवाई कराई जाएगी।
:चांदन कटोरिया पक्की सड़क पर नदी किनारे बुधवार को एक बार जनता और मजदूर सहित जमीन मालिक के बीच मारपीट की स्थिति उतपन्न हो गयी। तत्काल पुलिस को जानकारी होने पर मामले को शांत करते हुए उस विवादी जमीन पर हो रहे काम को रोक देने बाद मामला शांत हुआ। बताया जाता है कि यह जमीन देवघर के एक व्यक्ति छोटू यादव के द्वारा खरीदा गया है। जिसका कई बार घेराबंदी का प्रयास किया गया। लेकिन हर बार आम लोगो के विरोध के कारण काफी तनाव उतपन्न होने से हर बार काम बंद करना पड़ता है। ग्रामीणों का मानना है कि यह जमीन सरकारी है औऱ उसका गलत ढंग से खरीद कर अंचल कार्यालय की मिली भगत से उसकी दाखिल खारिज भी करा लिया गया है। और उसी के द्वारा उसकी घेराबंदी करने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे श्मशान तक जाने के लिए ग्रामीणों को कोई रास्ता नही रह जाता है जिससे लाश ले जाने में काफी परेशानी होगी। इससे पूर्व भी उस जमीन पर विवाद होने के कारण तत्कालीन सीओ प्रशांत शांडिल्य ने उस पूरे जमीन पर 144 लगाया था। जिसमे ग्रामीणों की ओर से चांदन सरपंच को विपक्षी बनाया गया था। लेकिन नोटिश मिलने के बाद भी सरपंच राकेश कुमार न्यायालय में उपस्थित नही हुए और अपना कोई लिखित बयान नही दिया जिस कारण उस वाद को एसडीएम द्वारा खारिज कर दिया गया। जिससे जमीन क्रेता को एक बार फिर जमीन घेराबंदीका मौका मिल गया । बुधवार सुबह काफी संख्या में मजदूर लेकर जब क्रेता छोटू यादव जमीन की घेराबंदी करवा रहा था, उसी समय काफी संख्या में ग्रामीण जमा हो गये औऱ मजदूरों सहित काम कराने वाले अन्य लोगो के साथ हाथापाई होने लगी। जिससे कई लोगों को चोट आयी, यहां तक की एक स्थानीय पत्रकार उमाकांत पोद्दार के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। बाद में पुलिस को सूचना देकर घटनास्थल पर बुलाया गया, और पुलिस ने दोनों पक्षों को कागजात के साथ जनता दरबार में उपस्थित होने को कहा। तब तक के लिए काम को बंद कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और वहां से सभी ग्रामीण चले गए। वहीं जमीन क्रेता छोटू यादव का कहना है कि उसने वह जमीन खतियान नहीं रैयत से खरीद किया है। जिसका दाखिल खारिज भी सभी कागजात को देखकर किया गया है। फिर भी ग्रामीण जबरन उस जमीन पर रास्ता मांग रहे हैं। जबकि स्थानीय मुखिया और अन्य गणमान्य लोगों के कहने पर उसने अपनी खरीद की जमीन से श्मशान तक जाने का रास्ता छोड़ दिया है। इससे कुछ मनचले ग्रामीण संतुष्ट नहीं है, और कुछ लोगों के बहकावे में आकर हमारे मजदूर के साथ मारपीट कर कई सामान गायब कर दिए हैं। इसकी लिखित शिकायत थाना को दे दिया गया है ।थानाध्यक्ष विष्णुदेव कुमार ने कहा कि दोनों पक्षों को समझा बूझकर कागजात की मांग की गई है। जिसका जमीनी कागजात सही होगा अंचल कार्यालय से अनुरोध कर आगे की कार्रवाई कराई जाएगी।



0 Comments
आप सभी हमें अपना कॉमेंट / संदेश भेज सकते हैं...