किसानों के समान में किसान दिवस का आयोजन

चम्पारण नीति/बेतिया(प.च) केवीके मधोपुर में किसानों के सम्मान मे किया गया किसान दिवस का आयोजन.

पश्चिम चंपारण के कृषि विज्ञन केन्द्र, मधोपुर ने किसान दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को मशरूम की खेती की जानकारी  सहित प्रगतिशील किसानों को  सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं :- प्रगतिशील किसानों को सम्मानित करना। कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम किसानों को भी आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।पौध वितरण :- किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बैंगन की उन्नत किस्मों के पौधे वितरित किए गए। इन पौधों से बेहतर उत्पादन कर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। पौधा वितरण का उद्देश्य सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम में नाबार्ड के डीडीएम श्री गोपाल कुमार परित ने विशेष रूप से भाग लिया। उन्होंने किसानों को नाबार्ड की योजनाओं और वित्तीय सहायता के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे नाबार्ड की पहल कृषि में नवाचार और ग्रामीण विकास को बढ़ावा दे रही है।

कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने किया। उनके साथ डॉ. सौरभ दुबे (एसएमएस, पौध संरक्षण), डॉ. जग पाल (एसएमएस, पशु विज्ञान), डॉ. हर्षा बी.आर. (एसएमएस, फसल उत्पादन) और डॉ. चेलपुरी रामुलु (एसएमएस, कृषि अभियांत्रिकी) ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी विषय विशेषज्ञों ने किसानों के सवालों के जवाब दिए और उन्हें उपयोगी सुझाव दिए।
किसानों की प्रतिक्रिया :- किसानों ने प्रशिक्षण सत्र की सराहना की और इसे अपने कृषि व्यवसाय में लागू करने की योजना बनाई।
प्रगतिशील किसानों ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम उन्हें नई तकनीकों और नवाचारों के साथ जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम का प्रभाव और महत्व :- यह कार्यक्रम किसानों के बीच उन्नत कृषि तकनीकों और टिकाऊ खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा।

आर्थिक सशक्तिकरण:- प्रगतिशील किसानों और महिला किसानों को प्रेरित कर उनकी आय में वृद्धि के नए रास्ते खोले गए।
तकनीकी जागरूकता:- जैविक और यंत्रीकृत खेती के लाभों को समझाकर किसानों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित किया गया।
सब्जी उत्पादन को बढ़ावा:- उन्नत किस्म के बैंगन पौधों के वितरण ने सब्जी उत्पादन को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का निष्कर्ष :-


केवीके, मधोपुर का यह प्रयास क्षेत्र में किसानों की आजीविका सुधारने और कृषि में नवाचार को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यक्रम किसानों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है और टिकाऊ कृषि की दिशा में एक सशक्त पहल है। भविष्य में इस प्रकार के अधिक कार्यक्रमों के माध्यम से और भी अधिक किसानों को लाभान्वित करने की योजना है।

Post a Comment

आप सभी हमें अपना कॉमेंट / संदेश भेज सकते हैं...

Previous Post Next Post