मत्स्य बीज उत्पादन का चार दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

मत्स्य बीज उत्पादन का चार दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

        प्रशिक्षण में शामिल सहभागी : केवीके

चम्पारण नीति/बेतिया(प.च.)
आज कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर में ग्रामीण युवाओं के लिए मत्स्य बीज उत्पादन पर चार दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न।
कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर द्वारा ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने एवं उन्हें मत्स्य पालन के क्षेत्र में प्रशिक्षित करने हेतु चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 4 अगस्त 2025 से प्रारंभ होकर 7 अगस्त 2025 को संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को मत्स्य बीज उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों से अवगत कराना एवं उन्हें इस क्षेत्र में उद्यमिता हेतु प्रेरित करना था।
समापन समारोह के अवसर पर केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि मत्स्य पालन एक ऐसा व्यवसाय है, जो कम लागत में अधिक लाभ देने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मत्स्य पालन ग्रामीण युवाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने का एक उत्कृष्ट माध्यम बन सकता है। सरकार भी इस क्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु अनेक योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ लेकर युवा अपने स्वयं के व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं।
इस अवसर पर केंद्र के मत्स्य वैज्ञानिक डॉ. जगपाल  तकनीकी सत्रों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मत्स्य बीज उत्पादन, जल प्रबंधन, उन्नत मत्स्य प्रजातियों की पहचान, कृत्रिम प्रजनन तकनीक, लार्वा पालन, एवं बाजार प्रबंधन आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिसमें मछली बीज उत्पादन की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से दिखाया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न प्रखंडों से प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर सौरभ दुबे, डॉ हर्ष बी. आर और छैल पुरी रमलू एवं अन्य कर्मी उपस्थित थे।

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