रजौन में सर्वर की सुस्त चाल पर भारी पड़ा उत्साह, 5वें दिन 550 किसानों का रजिस्ट्रेशन और 650 का ई-केवाईसी सफल,​अब मकर संक्रांति के बाद 18 से 21 जनवरी तक चलेगा दूसरा चरण

रजौन में सर्वर की सुस्त चाल पर भारी पड़ा उत्साह, 5वें दिन 550 किसानों का रजिस्ट्रेशन और 650 का ई-केवाईसी सफल,​अब मकर संक्रांति के बाद 18 से 21 जनवरी तक चलेगा दूसरा चरण

​रजौन,बांका :- ​किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ देने के लिए एडीएम और डीएओ के निर्देश पर रजौन प्रखंड में चल रहे 'फॉर्मर रजिस्ट्री' (किसानों की डिजिटल पहचान) अभियान के तहत शुक्रवार को भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सर्वर की धीमी गति और नेटवर्क की समस्या के बावजूद कृषि और राजस्व विभाग की टीम ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए शुक्रवार को कुल 650 किसानों का ई-केवाईसी और करीब 550 किसानों का फॉर्मर रजिस्ट्रेशन सफलतापूर्वक संपन्न किया। ​प्रथम चरण के तहत अभियान के पांचवें दिन शुक्रवार को रजौन अंचलाधिकारी कुमारी सुषमा और प्रखंड कृषि पदाधिकारी अरविंद कुमार के साथ-साथ प्रभारी कृषि पदाधिकारी सह कृषि समन्वयक संजय कुमार निराला, कृषि समन्वयक संजय कुमार सिंह, रंजीत कुमार एवं प्रवीण कुमार पांडेय के संयुक्त नेतृत्व में प्रखंड की चार पंचायतों में विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शुक्रवार को रजौन की चार निर्धारित पंचायतों- सकहारा, पड़घड़ी-लकड़ा, राजावर एवं चिलकावर-असौता के अलावा रजौन प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में भी विशेष शिविर का आयोजन किया गया। अंचल कार्यालय में आयोजित इस शिविर में स्वयं सीओ कुमारी सुषमा, एटीएम रंजन कुमार, सर्वेयर अमीन कुमारी पल्लवी एवं संगीता सुमन कैंप कर रही थीं। अधिकारियों की मौजूदगी में यहाँ किसानों के दस्तावेजों का त्वरित सत्यापन किया गया, जिसके फलस्वरूप तकनीकी बाधाओं के बीच भी यहाँ 40 किसानों का ई-केवाईसी हुआ जबकि 35 का फॉर्मर रजिस्ट्रेशन सफल रहा। ​अधिकारियों ने बताया कि अब मकर संक्रांति के बाद अभियान का दूसरा चरण शुरू होगा। इसके तहत 18 से 21 जनवरी के बीच प्रखंड की सभी पंचायतों में एक बार फिर विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा, ताकि छूटे हुए किसान अपना निबंधन करा सकें। सीओ कुमारी सुषमा ने पुनः अपील की है कि जिन किसानों की जमाबंदी वर्ष 2018 से पूर्व कायम है, वे आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और जमीन की रसीद के साथ आगामी शिविरों में भाग लें। इसके साथ ही किसान सामान्य दिनों में भी अपने पंचायत के किसान सलाहकार एवं राजस्व कर्मचारी से मिलकर यह प्रक्रिया पूरी करवा सकते हैं।

रिपोर्ट:- के आर राव 

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