रजौन,बांका : अपर समाहर्ता अजीत कुमार एवं जिला कृषि पदाधिकारी त्रिपुरारी शरण शर्मा के सख्त निर्देश और लगातार मॉनिटरिंग के बाद रजौन प्रखंड में चल रहे 'फॉर्मर रजिस्ट्री' (किसानों की डिजिटल पहचान) अभियान ने अब पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है। प्रथम चरण के तहत अभियान के चौथे दिन गुरुवार को रजौन अंचलाधिकारी कुमारी सुषमा और प्रखंड कृषि पदाधिकारी अरविंद कुमार के साथ-साथ प्रभारी कृषि पदाधिकारी सह कृषि समन्वयक संजय कुमार निराला, कृषि समन्वयक संजय कुमार सिंह, रंजीत कुमार एवं प्रवीण कुमार पांडेय के संयुक्त नेतृत्व में प्रखंड की चार पंचायतों में विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों में कृषि और राजस्व विभाग की टीम पूरी तरह सक्रिय दिखी, जिसका सकारात्मक परिणाम भी सामने आया। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गुरुवार को आयोजित शिविरों में कुल 600 किसानों का ई-केवाईसी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, वहीं कुल 343 किसानों का फॉर्मर रजिस्ट्रेशन भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। गुरुवार को निर्धारित कार्यक्रम के तहत धायहरना-महगामा, सिंहनान, तिलकपुर और कठचातर-लीलातरी पंचायत में शिविर लगाए गए थे, जहाँ दिन भर किसानों की चहल-पहल रही। विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार अब शुक्रवार (9 जनवरी) को सकहारा, पड़घड़ी-लकड़ा, राजावर एवं चिलकावर-असौता पंचायत में शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी बीच रजौन अंचलाधिकारी कुमारी सुषमा ने किसानों की सुविधा के लिए एक बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को निर्धारित पंचायतों के अलावा रजौन अंचल कार्यालय परिसर में भी विशेष रूप से शिविर का आयोजन किया जाएगा। यहाँ भी उपस्थित होकर किसान अपना ई-केवाईसी और फॉर्मर रजिस्ट्रेशन का कार्य करवा सकेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि प्रखंड की सभी पंचायतों में यह शिविर आगे भी जारी रहेगा। सीओ कुमारी सुषमा ने निबंधन की शर्तों को स्पष्ट करते हुए एक अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत उन्हीं किसानों का फॉर्मर रजिस्ट्री किया जा रहा है, जिनकी जमाबंदी वर्ष 2018 के पूर्व से कायम है। यानी 2018 के बाद जिनकी जमाबंदी कायम हुई है, उनका रजिस्ट्रेशन फिलहाल इस प्रक्रिया के तहत नहीं होगा। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे शिविर में आते समय अपना आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और जमीन की अद्यतन रसीद साथ अवश्य लाएं। वहीं यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो किसान शिविर में नहीं आ पाएंगे, वे बाद में भी अपने किसान सलाहकार से ई-केवाईसी कराने के उपरांत राजस्व कर्मचारी से संपर्क कर अपना निबंधन करा सकते हैं।
रिपोर्ट: केआर राव
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