रजौन में जगी 'सहकार से समृद्धि' की अलख: जैविक खेती और सरकारी बाजार के भरोसे अब 'अन्नदाता' बनेंगे 'सब्जी-प्रदाता'

रजौन में जगी 'सहकार से समृद्धि' की अलख: जैविक खेती और सरकारी बाजार के भरोसे अब 'अन्नदाता' बनेंगे 'सब्जी-प्रदाता'

​रजौन,बांका ;-रजौन बाजार स्थित टिंकू सिंह लाइन होटल सह मंडप विवाह भवन परिसर में शनिवार को सहकारिता और कृषि विकास की एक नई इबारत लिखी गई, हालांकि इस दौरान विभागीय अनियमितताओं को लेकर किसानों का आक्रोश भी फूट पड़ा। बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन (वेजफेड) के तत्वावधान में और स्थानीय विधायक मनीष कुमार के सौजन्य से 'सहकार से समृद्धि' थीम पर आधारित एक भव्य किसान कार्यशाला का आयोजन हुआ, जिसमें धोरैया विधानसभा क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों का महाजुटान हुआ। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में मुख्य रूप से वेजफेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) डॉ. गगन, किविसा एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ नीरज कुमार, निदेशक सोनल तिवारी, प्रसिद्ध कृषि विशेषज्ञ डॉ. प्रियरंजन, कृषि अधिकारी रूपेश राज और वेजफेड की भागलपुर प्रमंडलीय अध्यक्ष नीतू सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। ​कार्यशाला का मूल उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक और जैविक सब्जी उत्पादन की ओर मोड़ना था। मंच से वक्ताओं ने एक स्वर में 'हर थाली में बिहारी तरकारी' के संकल्प को दोहराया और किसानों का आह्वान किया कि वे अब केवल 'अन्नदाता' बनकर सीमित न रहें, बल्कि 'सब्जी-प्रदाता' बनकर अपनी आय को दोगुनी करें। विशेष रूप से टमाटर और लहसुन की जैविक खेती पर जोर दिया गया, क्योंकि इनकी बाजार में हमेशा मांग रहती है। विशेषज्ञों ने समझाया कि रासायनिक खादों को छोड़कर यदि किसान नवाचार और जैविक पद्धति अपनाते हैं, तो उपज की गुणवत्ता और कीमत दोनों बढ़ेगी। किसानों की सबसे बड़ी चिंता 'बाजार और सही दाम' को दूर करते हुए वेजफेड ने स्पष्ट किया कि सरकार अब किसानों के साथ खड़ी है। फेडरेशन न केवल उपज की खरीद सुनिश्चित करेगा, बल्कि ग्रेडिंग, छंटाई, कोल्ड स्टोरेज और परिवहन जैसी आधुनिक सुविधाएं भी प्रदान करेगा। 'सरकारी भरोसे के साथ ताजा सब्जी बिक्री' का मंत्र देते हुए किसानों को हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-110 की जानकारी भी दी गई। ​कार्यक्रम के दौरान माहौल उस समय अचानक गरमा गया, जब बाराहाट प्रखंड जदयू अध्यक्ष निखिल बहादुर सिंह उर्फ मान सिंह एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता निरंजन चौधरी सहित क्षेत्र के कई किसानों ने डीसीओ व बीसीओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि जिले के सभी प्रखंडों में 'प्रखंड सब्जी उत्पादक सहयोग समितियों' का गठन गुपचुप तरीके से किया गया है, जिसमें न तो कोई वास्तविक सब्जी उत्पादक किसान सदस्य है और न ही नियमों का पालन हुआ है। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में इन कथित समितियों को तत्काल भंग करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग प्रबंध निदेशक से की। प्रबंध निदेशक डॉ. गगन ने किसानों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इससे पूर्व, आगत अतिथियों को बुके एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया, साथ ही एमडी डॉ. गगन कुमार ने विधायक मनीष कुमार को अंगवस्त्र व डायरी भेंट की। ​इस मौके पर आरएसजे चौधरी कॉलेज धौनी के प्राचार्य डॉ. अमरेंद्र कुमार चौधरी, रजौन प्रखंड जदयू अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह, भारतीय किसान संघ के प्रांत मंत्री अमरेश कुमार सिंह, जदयू मीडिया सेल के जिलाध्यक्ष अंजनी कुमार चौधरी, पूर्व जिला परिषद सदस्य उमेश कुमार उर्फ पप्पू वर्मा, किसान एवं सहकारिता प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मुकेश उर्फ विनोद सिंह, प्रखंड मुखिया संघ अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार, सचिव प्रवीण कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष मिथिलेश कुमार उर्फ टिंकू सिंह, उपरामा निवासी प्रगतिशील किसान रुपेश चौधरी, पूर्व सरपंच प्रदीप कुमार सिंह, संदीप चौधरी, सीटू सिंह राजबब्बर, संतोष सिंह, राजेश सिंह, प्रदीप चौधरी, राजीव सिंह, पंकज उर्फ पिंकू सिंह सहित रजौन, धोरैया और बाराहाट प्रखंड के काफी संख्या में किसान मौजूद थे।
रिपोर्ट :- केआर राव


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