शिव महापुराण को लेकर 1001 कलशों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, 'हर-हर महादेव' से गूंजा इलाका

शिव महापुराण को लेकर 1001 कलशों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, 'हर-हर महादेव' से गूंजा इलाका

रजौन, बांका : प्रखंड के नवादा बाजार सहायक थाना अंतर्गत अमहारा-हरचंडी पंचायत के कोतवाली चौक स्थित चैती दुर्गा मंदिर के प्रांगण में चैती दुर्गा पूजा के उपलक्ष्य पर नौ दिवसीय शिव महापुराण के आयोजन को लेकर 20 मार्च दिन शुक्रवार को कथा स्थल से गाजे-बाजे व आकर्षक व दिव्य झांकियों के बीच 1001 कलशों के साथ भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। यह कलश शोभायात्रा कोतवाली चौक स्थित चैती दुर्गा मंदिर से प्रारंभ होकर जगदीशपुर-सन्हौला सड़क मार्ग के रास्ते क्षेत्र के प्रसिद्ध धनकुंडनाथ महादेव मंदिर तक पहुंची, जहां परिक्रमा व विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कलशों में गंगाजल भरने के उपरांत यह कलश शोभायात्रा वापस कथा स्थल पहुंचकर समाप्त हुई। वहीं इस कलश शोभायात्रा के दौरान मुख्य रूप से दो रथ, 5 घोड़े, 5 डीजे एवं बैंड पार्टी के अलावे विभिन्न देवी-देवताओं की वेशभूषा में सजी दिव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वहीं मुख्य रथ पर सवार कथावाचिका अन्नपूर्णा गिरी जी (वर्षा नागर जी) के पीछे मुख्य आचार्य पीतांबर कुमार सिंह व उनकी धर्मपत्नी चांदनी कुमारी के साथ हजारों की संख्या में पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाएं और नवयुवतियां 'हर-हर महादेव' का उद्घोष करते हुए कतारबद्ध होकर पैदल चल रही थीं। वहीं इस भव्य शोभायात्रा के क्रम में आयोजन समिति के अध्यक्ष अविनाश कुमार उर्फ चिक्कू, सचिव अजीत कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, अजय सिंह आजाद, सुमन सिंह, रामरतन साह, रविंद्र पासवान, विपिन सिंह, पूर्व उप प्रमुख रामविलास सिंह, स्थानीय मुखिया भैरो सिंह कुशवाहा, पूर्व मुखिया अजय सिंह, नवल किशोर सिंह, वीरेंद्र सिंह, रंजीत प्रसाद सिंह, कपिलदेव दास, छंगूरी सिंह एवं मकैता-बबुरा पंचायत के सरपंच उमाशंकर ठाकुर मुख्य रूप से शामिल थे। इसके साथ ही समस्त कोतवाली ग्रामवासियों के अलावे अमहारा, हरचंडी, मीरनगर, धनकुंड, बलथारा, विष्णुपुर, हेमरा, श्याम बाजार सहित आसपास के हजारों धर्मप्रेमी श्रद्धालु भक्ति भजनों पर नाचते-झूमते एवं भगवा पताका लहराते हुए चल रहे थे, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। आयोजकों ने बताया कि आगामी 28 मार्च (शनिवार) तक प्रतिदिन संध्या 7 बजे से रात्रि 11 बजे तक कथावाचिका अन्नपूर्णा गिरी जी के मुखारबिंद से शिव महापुराण की अमृत वर्षा होगी, जिसे सफल बनाने के लिए पूरी समिति और समस्त ग्रामीण तन-मन से जुटे हुए हैं।

रिपोर्ट : कुमुद रंजन राव

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