बांका: जिले के चांदन प्रखंड के चांदन पंचायत अंतर्गत वार्ड दो में रात के करीब एक बजे गोनावारी गांव में सदानंद मंडल के घर दर्जन भर अपराधियों ने धावा बोल कर गृहस्वामी और उसकी पत्नी की पिटाई कर करीब लगभग चार लाख के गहना लुट के कर लुटेरे फरार हो गए।सदानंद मंडल आर्मी में हवलदार मेजर के पद पर कार्यरत थे और हैदराबाद से अवकाश प्राप्त हो कर अपने पैतृक गांव में रहते थे। सदानंद मंडल ने बताया कि वे घटना के दिन ही अपने ससुराल के एक कार्यक्रम से अपने निजी वाहन द्वारा घर गोनीवारी वापस आए थे। खाना खाकर सोने के कुछ ही देर बाद अचानक पीछे के दीवार फांद कर अपराधी आंगन में आ गये। और उसके साथ सीधे मारपीट करने लगे। साथ ही उनकी पत्नी वसुंधरा मंडल के हाथ की अंगुली से हीरे की अंगूठी और गले कान में सोने का गहना खुद अपराधियों ने मारपीट कर खोल लिया।साथ ही दोनों का मोबाइल भी छीन कर रख लिया ताकि किसी को जानकारी नहीं हो सके। इस बीच आंधी और बारिश शुरू हो गई इस दौरान सभी अपराधी सभी घरों को खोल कर सभी गोदरेज आलमारी खोल कर कीमती सामान लेकर और अन्य सामान घरों में बिखेर कर यह कहते हुए चला गया कि मोबाइल छोड़ दिए हैं किसी को जानकारी नहीं देना। अपराधी ने गृहस्वामी की कार को भी खोल कर उसकी भी डिक्की सहित अन्य को खंगाला। अपराधियों के एक सदस्य के पास एक थैला था। जिसे अपने हाथों में पकड़े रहता था।जिससे लगता था कि उसने बम सहित अन्य हथियार हो सकता है।सभी अपराधी 20 से 30 बर्ष की उम्र के थे। और सभी पेंट और गंजी पहन कर मुंह पर नकाव बांध रखा था। और स्थानीय भाषा ही बोल रहा था। लेकिन किसी की पहचान नहीं हो सकी। मालूम हो कि घटना वाली जगह के पूर्व में घर से सटे कटोरिया चांदन पक्की सड़क गुजरती है जबकि पश्चिम जंगल का इलाका है जिस ओर से अपराधी घर में आए हैं। इतना ही नहीं उस घर से 100 मीटर की दूरी पर कटोरिया चांदन सीमा होने के कारण दोनों थाने की वाहन रातभर गश्त करती है।लेकिन पक्की सड़क की तरफ गेट बंद होने के कारण पुलिस को भी किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। और घटना होती रही। सदानंद मंडल अपने कान में मशीन लगाकर ही कुछ सुन सकते हैं अपराधी ने ही उसका मशीन उसे खोज कर दिया और पूछताछ किया।घटना के बाद आंधी पानी बंद होने पर सभी अपराधी पीछे के रास्ते ही जंगल की तरफ भाग गए।कुछ देर बाद पूरी तरह बदहवास उसकी पत्नी गेट खोल कर अपने पड़ोसी को घटना की जानकारी दिया। लेकिन वहां रहने वाले लोगों की संख्या कम होने के कारण लोग उसका पीछा नहीं कर सके और घटना की जानकारी पुलिस को दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पूरी पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। सुबह बांका से एसएफएल की टीम कुत्ता टीम के साथ आकर जांच प्रारंभ किया। पर समाचार लिखे जाने तक पुलिस का हाथ खाली ही रहा। थानाध्यक्ष श्रीकांत भारती ने बताया कि वरीय पदाधिकारियों को जानकारी के बाद सभी बिंदु पर जांच की जा रही है जल्दी ही सही अपराधी तक पुलिस टीम पहुंच जाएगी।



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