हरि सहाय लॉ कॉलेज में एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ




(आदित्य कुमार दुबे/चम्पारण नीति)
गोरखपुर। तारा मंडल रोड स्थित हरि सहाय लॉ कॉलेज, ताल कंदला (नरही) में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ रविवार, 08 मार्च 2026 को महाविद्यालय सभागार में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं।
कार्यक्रम में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक प्रो. सत्यपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पंडित हरि सहाय पीजी कॉलेज, जैती-बेलघाट के प्राचार्य डॉ. सर्वेश कुमार द्विवेदी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सतीश चंद उपाध्याय ने की।
मुख्य अतिथि प्रो. सत्यपाल सिंह ने कहा कि एनएसएस युवाओं के व्यक्तित्व विकास का एक सशक्त मंच है। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं में समाज के प्रति संवेदनशीलता और सेवा की भावना विकसित होती है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. सर्वेश कुमार द्विवेदी ने एनएसएस के इतिहास और महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गांधी जयंती के जन्म शताब्दी वर्ष 1969 में राष्ट्रीय सेवा योजना की औपचारिक शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहा कि एनएसएस के लोगो में ओडिशा के प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर (ब्लैक पैगोडा) के विशाल रथ चक्र का उपयोग किया गया है, जो निरंतरता, प्रगति और समय के साथ बदलाव का प्रतीक है। इस चक्र की आठ तीलियां स्वयंसेवकों को 24 घंटे राष्ट्र सेवा के लिए तत्पर रहने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा के माध्यम से छात्रों के व्यक्तित्व और चरित्र का विकास करना है। इसका आदर्श वाक्य “मैं नहीं, बल्कि आप” है।
अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. सतीश चंद उपाध्याय ने कहा कि एनएसएस युवाओं में सेवा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए छात्र-छात्राओं को समाज के बीच जाकर कार्य करने और समस्याओं को समझने का अवसर मिलता है। ऐसे शिविर युवाओं में नेतृत्व क्षमता और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है।
कार्यक्रम अधिकारी शैलेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सात दिवसीय विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों में सेवा भावना, सामाजिक जागरूकता और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है, जिससे वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की प्रवक्ता चंदा यादव ने किया। इस अवसर पर कॉलेज के प्रवक्ता केशव शुक्ल, राहुल यादव, अनुपम सिंह, सुधाकर पांडेय, प्रगति यादव, जावेद अनवर सहित अन्य शिक्षक, स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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