वार्षिक कार्ययोजना कार्यशाला का आयोजन:केवीके

वार्षिक कार्ययोजना कार्यशाला का आयोजन:केवीके

चम्पारण नीति/बेतिया(प.च.)  कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर में दो दिवसीय 'वार्षिक कार्ययोजना कार्यशाला-2026' का शुभारंभ.
 भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद - अटारी, जोन-IV, पटना एव एवं डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के  तत्वावधान में  कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर  में दो दिवसीय 'वार्षिक कार्ययोजना कार्यशाला-2026' की शुरुआत हुई । यह कार्यक्रम निदेशक ICAR- अटारी पटना  डॉ अंजनी कुमार के दिशा निर्देश में किया जा रहा है. कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. आर. के. झा, निदेशक प्रसार शिक्षा, पूसा, डॉ. एम. मनीबुल्लाह प्रधान वैज्ञानिक, अटारी, पटना , डॉ. डी. वी. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, अटारी, पटना ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया । कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. आर. के. झा ने कहा कि वर्ष 2026 की कार्ययोजना का मुख्य उद्देश्य जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों को गांव-गांव तक पहुँचाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है । उन्होंने वैज्ञानिकों को निर्देश दिया कि वे स्थानीय पारिस्थितिकी के अनुरूप भविष्य की ठोस कार्ययोजना तैयार करें ।  डॉ. एम. मनीबुल्लाह ने कार्यशाला में उपस्थित वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाएं ताकि किसानों को इनका सीधा तकनीकी लाभ मिल सके । उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों और वैज्ञानिकों के बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसकी सफलता किसानों की खुशहाली में निहित है । अतः वैज्ञानिकों को ऐसी तकनीकों का प्रसार करना चाहिए जो कम लागत में अधिक उत्पादन सुनिश्चित करें और किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण में सहायक हों । वहीं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. डी. वी. सिंह अटारी, ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह पूरे वर्ष की कार्ययोजना है, किसानों की स्थानीय समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ही इसे प्रस्तुत करें । इसके साथ ही उन्होंने तकनीकी सत्रों का सफल संचालन किया और जोर देते हुए कहा कि ऑन-फार्म ट्रायल के माध्यम से नई तकनीकों का स्थानीय स्तर पर परीक्षण करें और सफल तकनीकों को अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन के जरिए किसानों के खेतों तक पहुँचाएं । उन्होंने वैज्ञानिकों को निर्देशित किया कि वे कृषि कौशल विकास के लिए समयबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करें, ताकि किसान नवीनतम वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकें. अतिथियों का स्वागत करते हुए वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने कहा कि यह आयोजन सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए भविष्य की रणनीतियां तय करने का एक साझा मंच है । उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि इस महत्वपूर्ण वार्षिक कार्ययोजना कार्यशाला होस्ट  करने का अवसर हमारे केंद्र को प्राप्त हुआ है। कार्यशाला के पहले दिन सारण, शिवहर, सीवान, वैशाली, बक्सर, जमुई, नवादा, सीतामढ़ी, कैमूर  और पश्चिम चंपारण-1  के वैज्ञानिकों ने अपनी आगामी वार्षिक योजनाओं की प्रस्तुति दी । कार्यशाला में विभिन्न कृषि विज्ञानं केंद्रों के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान और केवीके माधोपुर से डॉ चेलपुरी रमुलू , डॉ. जाग पाल डॉ. हर्षा. बी. आर.  इस अवसर पर प्रसार निदेशालय डॉ. संजीव कुमार एव डॉ ध्रुव कुमार एवं अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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