रजौन में टूटी जाति की दीवार, जीती मानवता : मुखिया प्रतिनिधि की पहल पर मंदिर में रचाया गया अंतरजातीय विवाह

रजौन में टूटी जाति की दीवार, जीती मानवता : मुखिया प्रतिनिधि की पहल पर मंदिर में रचाया गया अंतरजातीय विवाह


​रजौन, बांका : रजौन प्रखंड अंतर्गत धौनी-बामदेव पंचायत से सामाजिक सद्भाव की एक बेहतरीन मिसाल सामने आई है। यहाँ के मुखिया प्रतिनिधि सह समाजसेवी मिथिलेश कुमार उर्फ टिंकू सिंह की सार्थक पहल पर मंगलवार को राजवनेश्वरनाथ महादेव मंदिर में दो अलग-अलग जातियों के प्रेमी जोड़े का विवाह पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। दरअसल, ​इस प्रेम कहानी की शुरुआत करीब दो साल पूर्व हुई थी। मुंगेर जिले के तारापुर थाना क्षेत्र के खानपुर निवासी रंजीत चौधरी की पुत्री शिवानी कुमारी (20 वर्ष) की बड़ी बहन की शादी रजौन के महादा गांव में हुई थी। अपनी बहन के ससुराल आने-जाने के दौरान ही शिवानी का संपर्क वहीं के निवासी मंटू साह के पुत्र गुलशन कुमार (23 वर्ष) से हुआ। समय के साथ यह जान-पहचान गहरे प्रेम प्रसंग में बदल गई। हालांकि, जब बात शादी तक पहुंची, तो सामाजिक और जातीय कारणों से लड़का पक्ष इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं था। मामला पेचीदा होते हुए थाने तक भी पहुंच गया था। जब इस विवाद की भनक मुखिया प्रतिनिधि मिथिलेश कुमार उर्फ टिंकू सिंह को लगी, तो उन्होंने इसे सामाजिक स्तर पर सुलझाने का बीड़ा उठाया। उन्होंने स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों- रविंद्र कुमार रमन, पवन मंडल, अशोक चौधरी, बाल्मीकि सिंह आदि के सहयोग से दोनों पक्षों के साथ संवाद स्थापित किया। उन्होंने परिवारों को सामाजिक समरसता का महत्व समझाया और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का वास्ता देकर दोनों पक्षों को इस विवाह के लिए राजी कर लिया। मंगलवार की सुबह रजौन थाना मार्ग स्थित राजवनेश्वरनाथ महादेव मंदिर में मुखिया प्रतिनिधि ने अपने निजी खर्च पर पंडित उदय चंद्र झा के वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच इस जोड़े की शादी करवाई। शादी के बाद लड़का और लड़की दोनों ही पक्ष इस मिलन से बेहद खुश नजर आए। परिजनों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुखिया प्रतिनिधि की इस नेक पहल ने न केवल दो युवाओं के भविष्य को संवारा, बल्कि दो परिवारों के बीच उत्पन्न कड़वाहट को भी खत्म कर दिया। दोनों पक्षों ने मिथिलेश कुमार का हृदय से आभार व्यक्त किया है। गौरतलब है कि दूल्हा गुलशन स्नातक उत्तीर्ण है और दुल्हन शिवानी बीएससी की पढ़ाई कर रही है। लड़का पक्ष जहां अत्यंत पिछड़ा वर्ग (कानू) से आता है, वहीं लड़की अनुसूचित जाति (पासी) से संबंधित है। समाज के इन दो शिक्षित युवाओं ने जाति की दीवार तोड़कर एक-दूसरे का हाथ थामा है। शादी के बाद मुखिया प्रतिनिधि ने नवदंपति को आशीर्वाद स्वरूप कुछ आर्थिक सहयोग भी दिया। इस सुखद मिलन के साक्षी बने ग्रामीणों ने इस मानवीय पहल की जमकर सराहना की है।

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