रजौन के बद्रीनारायण धाम में उमड़ा शिव शिष्यों का जनसैलाब, गुरु स्वरूप में शिव की चर्चा संपन्न

​रजौन, बांका : प्रखंड के धौनी स्थित बद्रीनारायण धाम कुटिया परिसर में सोमवार को एक दिवसीय शिव गुरु परिचर्चा का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु बहन रूपा द्वारा प्रस्तुत शिव संकीर्तन और मनमोहक भजनों से हुई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। मंच संचालन करते हुए उन्होंने उपस्थित जनसमूह को भगवान शिव की महिमा से अवगत कराया। इस दौरान वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि भगवान शिव केवल देवों के देव ही नहीं, बल्कि संपूर्ण जगत के गुरु हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिव का शिष्य बनने के लिए किसी भी प्रकार के आडंबर, कर्मकांड या पारंपरिक दीक्षा की आवश्यकता नहीं है। किसी भी जाति, धर्म या संप्रदाय का व्यक्ति मात्र मन में "शिव मेरे गुरु हैं" का भाव रखकर उनसे जुड़ सकता है। शिव चर्चा के जनक साहब श्री हरिंद्रानंद जी के योगदान को याद करते हुए बताया गया कि 1974 से शुरू हुआ यह सिलसिला आज लाखों लोगों के जीवन में आध्यात्मिक रोशनी फैला रहा है। शिव शिष्य परिवार के बांका जिलाध्यक्ष सीताराम सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिन्होंने भी भगवान शिव को गुरु मानकर उन्हें शिष्य भाव अर्पित किया है, उनके जीवन में सुखद बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा कि शिव की गुरुता को स्वीकार करना अंधविश्वास से मुक्त होकर ज्ञान के मार्ग पर चलना है। इस दौरान महादेव से जुड़ने के 'तीन सूत्रों' पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रूपा कुमारी, मीना देवी, राजकुमारी, रिंकू देवी, सिंधु देवी, अशोक रजक, बांके बिहारी, रीता देवी, ललिता देवी, चंदा देवी और कृष्णदेव साह सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे। तबले पर महेश सिंह की थाप और श्रद्धालुओं के गगनभेदी जयकारों के साथ इस एक दिवसीय समागम का शांतिपूर्ण समापन हुआ।

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