चम्पारण नीति के लिए मनीष कुमार की रिपोर्ट
सत्तर घाट पूल को नुकसान पहुंचने की खबर पर जहां सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर सरकार को ट्रोल किया जा रहा था कल उसी खबर का खंडन करते हुए पथ निर्माण विभाग के मुख्य सचिव ए मीणा ने पूल का वीडियो जारी कर अपने वीडियो ब्यान जारी किया जिसमें पूल को पूरी तरह सुरक्षित बताया इस वीडियो के जारी होने से पुल तो सुरक्षित पता चला परंतु पहुंच पथ के टूटने से इनकार नही है और सचिव महोदय के बयान से इसके लिए पानी के तेज बहाव को दोषी बताया गया है।
लेकिन अगर आज के घटना क्रम तो अंदाजा लगता है कि सरकारी तंत्र कही अपनेअफसर और ढेकेदारो को बचाने में नही लगा है और इसी के तहत एक ही दिन में पूल से सम्बंधित तीन तीन एफ आई आर दर्ज हुई पहली एफ आई आर सी ओ पंकज कुमार द्वारा दूसरी ठेकेदार उदय सिंह द्वारा और तीसरी राज्य पूल निगम निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा आखिर जिस पहुंच पथ के लिए सचिव पानी के तेज बहाव को दोषी बता रहे है वही उनके ठेकेदार और निगम कुछ अन्य लोगो को दोषी बात रहे है,आखिर सच्चाई क्या है ये तो सरकारी तंत्र ही जाने परन्तु सारे लोगो तो अंदाज है कि कही ना कही इसके लिए लिए भर्स्ट तंत्र ही जबाबदेह है।

