भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी ,मार्क्सवादी के द्वारा जिला को बाढ़ ग्रस्त घोषित करने को हुआ कन्वेंशन

भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी ,मार्क्सवादी के द्वारा जिला को बाढ़ ग्रस्त घोषित करने को हुआ कन्वेंशन



बेतिया ।जिला में भारी वर्षा होने के बाद  मसान , पंडई , गंडक , सीकरहना जैसी नदियों के जल स्तर में वृद्धि होने बाद,जिला में बाढ़ की विभीषिका प्रलय का रुप धारण कर लेती है ,ऐसा प्रत्येक साल होता है, नेपाली नदी नारायणी का जल प्रवाह अनियंत्रित होते ही गंडक बराज को खोल दिया जाता है और शुरु हो जाता है बाढ़ का प्रलय लील जाती है ,इन नदियों के जद में हजारों गांव , लाखों लोग , मवेशी जीवन और मौत से जूझते रहते हैं ,इसका स्थाई एवं वैज्ञानिक समाधान आज तक नहीं खोजा जा सका ,बल्कि जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन की नियति बन गई है, बाढ़ का खेल होने देने का , बाढ़ पीड़ितों को बचाने के नाम पर जनता की पैसे को लूटने काम हो रहा है , बाढ़ और एक चुनाव का   कोई अर्डिट नहीं होता, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन   विभाग ,बिहार सरकार के निर्देश पर बाढ़ से मुकाबला करने को पूरी तरह तैयार रहता है ,किन्तु सफलता कभी नहीं मिलती ,इस साल जिला कोरोना , बाढ़ तथा लॉक डाउन के  मार से जूझ रहा है ,लेकिन तिहरे मार झेल रहा है,  इसके अलावा उत्तर बिहार में सरकार की संवेदनशीलता कहीं नजर नहीं आती ।
2018 के 15 अगस्त को चनपटिया प्रखण्ड में ,भारी बाढ़ आयी थी ,जिले के सारे आवागमन बन्द हो गए थे,पहली बार थानाध्यक्ष के गोपालपुर थाना में  नहीं पहुंचने पर स्वतंत्रता दिवस का झण्डा नहीं फहराया जा सका, बेतिया बड़ा रमना में, मुख्य झण्डा फहराने के बाद प्रभारी मंत्री, मदन सहनी के साथ जिला पदाधिकारी , बाढ़ का जायजा लेने चनपटिया की ओर गए, चनपटिया अंचल के बकुलहर पंचायत के छरदवाली गांव का एक वृद्ध व्यक्ति बाढ़ की पानी में डूब रहा था, इसको देख कर, दो उत्साहित युवक उसे बचाने के लिए पानी में कूद कर  जीवन  और मौत से जूझ रहे को बचाया, मैंने ,जिला पदाधिकारी, को फोन कर उन बच्चों को बचाने की गुहार की,उन्होंने मुझे एन डी आर एफ का नम्बर दिया ,
इस साल भी बाढ़ में अबतक  चनपटिया नोनेया टोली के उज्जवल कुमार सहित दर्जन भर लोग एवं मवेशी बाढ़ के चपेट में आ चुके हैं,घर छोड़ कर तटबंध पर शरण लिए लोगो के पास लगातार हो रही वर्षा में उनके सर पर छत नहीं है और  न पेट में दाना । गांवों में जाने का कोई रास्ता नहीं है । पीपरासी , मधुबनी , भितहा , ठकराहा उस पार के अंचल सहित बगहा -1, योगपट्टी , बैरिया , नौतन , नरकटियागंज , चनपटिया , सिकटा , मझौलिया अंचल के अधिकांश हिस्सा बाढ़ के चपेट में है ,जिन्हें किसी प्रकार की सरकारी सुविधा नहीं मिल रहा है।
भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने, जिला को बाढ़ग्रस्त  घोषित करने के लिए 31 जुलाई को बेतिया में जिला कन्वेंशन करने का निर्णय लिया , यह बाढ़ पीड़ितों का जिला कन्वेंशन, सर्व सम्मति से निर्णय लेता है कि जिला को बाढ़ ग्रस्त घोषित कर संबंधित सुविधाएं सबको दिया जाय फसल हर्जाने के रुप में 30 हजार रुपए प्रति एकड़ हर्जाना दिया जाय ,सभी प्रवासी एवं खेत मजदूरों को मनरेगा में काम और 500 सौ रुपए मजदूरी दिया जाय, प्रति व्यक्ति 10 किलो मुफ्त अनाज तथा प्रत्येक परिवार को 7500 रुपए सहायता दिया जाय ।जल जमाव से ग्रसित बेतिया को भी बाढ़ ग्रस्त प्रखण्ड की सूची में शामिल किया जाय ,जिले को बाढ़ ग्रस्त घोषित नहीं किया गया तो, ऐतिहासिक दिन 9 अगस्त 1942 को गांधी ने अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा दिया था । उस दिन बेतिया की संघर्षमयी धरती पर 7 जांबाजों ने अंग्रेजों भारत छोड़ो नारे को लगाते हुए शहादत दी थी ,जिसका जीता जागता सबूत शहीद स्मारक है । जिसे हम सब 9 अगस्त को नमन करते हुए ,श्रद्धांजलि देते हुए  बेतिया, जिला पदाधिकारी के समक्ष जेल यात्रा प्रारंभ करेंगे ।