नदी किनारे हरे पेड़ की कटाई का विरोध

नदी किनारे हरे पेड़ की कटाई का विरोध

बांका: चांदन प्रखंड मुख्यालय के नदी किनारे जहां स्थानीय पदाधिकारी की मिलीभगत और अनदेखी के कारण कई बार शिकायत के बाबजूद सरकारी और गोचर भूमि की घेराबंदी करा दिया गया है। साथ ही अधिकतर जमीन की चोरी चोरी भूमाफिया द्वारा बेचा भी जा रहा है।इसको लेकर कई बार आंदोलन, आमरण अनशन तक किया जा चुका है। लेकिन अब उसी जमीन पर पूर्वजों द्वारा लगाए गए दर्जनों आम के हरे पेड़ को काटने का आम लोग विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार को भी उसी भूमाफिया द्वारा हरे पेड़ को काटने का काम शुरू हुआ। तो लोगों ने इसका विरोध किया जिसकी सूचना के बाद पेड़ काटने वाले मजदूर वहां से भाग गए। इससे पूर्व भी एक हरा पेड़ काट दिया गया था। जिसे अंचल द्वारा रोका गया। पर अचानक वह पेड़ भी गायब हो गया।अब धीरे धीरे अन्य पेड़ को काटने का प्रयास किया जा रहा है।इस संबंध में कुछ लोगों ने स्थानीय सरपंच राकेश कुमार बच्चू को आवेदन देकर इस हरे पेड़ को काटने से रोकने और के साथ अपने स्तर से कानूनी कार्रवाई की मांग किया है। इस संबंध में सरपंच ने बताया कि सभी पेड़ो को भूमाफिया की मिलीभगत  से चाहेदीवारी के अंदर कर लिया गया है उस पेड़ का अधिकतर उपयोग गरीब परिवार के लोग लाश जलाने में किया करते थे।लेकिन अब उस पर भी भूमाफिया की नजर है उसे रोकने के लिए वरीय पदाधिकारी को जानकारी दिया जाएगा।वही सीओ रविकांत कुमार कहते हैं कि लिखित आवेदन आने पर हरे पेड़ की कटाई रोक दिया जाएगा।

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