(मनीष कुमार /बेतिया)
जैसा कि सभी जानते है की हमारा शरीर मे खून पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है साथ ही खून ही शरीर मे ऑक्सीजन की मात्रा को सटीक रूप से नियंत्रित करने का काम करता है। अगर आपके खून में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन ना हो तो उस स्थिति को ऑक्सीजन की कमी कहा जाता है। यह एक खतरनाक स्थिति है। यह फेफड़ों संबंधी विभिन्न समस्याओं का कारण हो सकती है। इसके अलावा हृदय संबंधी समस्याएं होने पर भी ऑक्सीजन की कमी हो सकती है।
ऑक्सीजन की कमी होने पर होने सांस फूलना ,सर दर्द होना आदि समस्याएं होने लगती हैं। कुछ गंभीर मामलों में ऑक्सीजन की कमी होने पर हृदय व मस्तिष्क ठीक से काम करना बंद कर देते हैं। जिन लोगों को श्वसन या हृदय संबंधी समस्याएं हैं उनको ऑक्सीजन की कमी होने का खतरा सबसे अधिक रहता है।
खून में ऑक्सीजन के स्तर की जांच करके ऑक्सीजन की कमी का पता लगाया जाता है। इस टेस्ट को अर्टरियल ब्लड गैस कहा जाता है, जिसमें धमनी से खून का सेंपल लिया जाता है। इसके अलावा पल्स ऑक्सीमीटर टेस्ट की मदद से भी खून में ऑक्सीजन के स्तर का अंदाजा लगाया जा सकता है। पल्स ऑक्सिमीटर एक छोटा सा उपकरण होता है, जिसको उंगली के सिरे पर लगाया जाता है।
ऑक्सीजन की कमी होने से ऊतकों में भी ऑक्सीजन की कमी हो जाती है ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि खून पर्याप्त मात्रा में ऊतकों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पाता और ऊतकों में ऑक्सीजन की कमी होने लग जाती है। इस स्थिति का इलाज करने के लिये थेरेपी दी जाती है और सांस के द्वारा ली जाने वाली कुछ दवाएं दी जाती हैं। इसके अलावा ऑक्सीजन की कमी का कारण बनने वाली स्थिति का इलाज भी किया जाता है।
ऑक्सीजन खत्म होने पर आपका मस्तिष्क, लीवर व अन्य लक्षण शुरू होने के कुछ ही मिनटों के अंदर खराब हो जाते हैं और काम करना बंद कर देते हैं।
आम, नींबू, तरबूज, पपीता ऐसे फल हैं जो हमारी किडनी को साफ रखने में मदद करते हैं। विटामिन से भरपूर ये फल हमारे खून में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाने में भी सहयक होते हैं। तरबूज में फाइबर पाया जाता है इसका सेवन शरीर में जल की मात्रा को भी संतुलित रखता है।
अंकुरित अनाज फाइबर के भरपूर स्रोत होते हैं। ये रक्त में ऑक्सीजन बढ़ाने के बेहतर विकल्पों के तौर पर भी इस्तेमाल किए जाते हैं। इसके साथ ही साथ एवोकैडो. किशमिश, खजूर अदरक और गाजर पपीता हरी पत्तेदार सब्जी भी शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए सबसे उपयुक्त उपचार हैं। इनमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
विशेष सावधानी :---उपर्युक्त विचार लेखक के है इसे अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य ले ले।

