बांका जिला के शंभूगंज प्रखंड के घोषपुर गांव की रहने वाली थी चारों बच्चियां !
करीब 70 से 80 बच्चियां स्नान करने गई थी नहर !
गांव में मातम का माहौल, पूरा गांव है गमगीन !
बांका से ब्यूरो आमोद कुमार दुबे की रिपोर्ट:- बांका के लिए एक बार फिर मंगलवार की सुबह अमंगल साबित हुआ। मंगलवार की सुबह भाई-बहनों का पवित्र त्यौहार करमा-धरमा को लेकर बांका जिला के शंभूगंज प्रखंड अंतर्गत घोषपुर गांव के करीब मंगिया नहर में स्नान करने गई चार बच्चियों की डूबकर मौत हो गई। इस घटना के बाद घोषपुर सहित आसपास के गांव में कोहराम मच गया मृतक बच्चियों के घर परिवार के मार्मिक चित्कार से पूरा इलाका दहल उठा। प्राप्त जानकारी के अनुसार कामद पूर्व पंचायत के घोषपुर गांव के करीब मंगिया नहर में करीब 60 से 70 की संख्या में बच्चियां नहाए खाए पर्व को लेकर स्नान करने गई थी। नहर में अत्यधिक पानी रहने की वजह से कई बच्चियां अचानक डूबने लगी। अन्य बच्चियों के शोरगुल को सुनकर आसपास के लोग वहां जुट गए और लोगों के प्रयास से डूब रही बच्चियों में से करीब 16 बच्चियों को इसी तरह बचा लिया गया जबकि 4 बच्चियों को नहीं बचाया जा सका।
डूबकर मरने वाली बच्चियों में घोषपुर गांव के प्रमोद यादव की 12 वर्षीय पुत्री नेहा कुमारी, विनोद यादव की 14 वर्षीय पुत्री ताप्ती कुमारी के अलावे गोरेलाल पोद्दार की करीब 10 वर्षीय पुत्री नीलू कुमारी एवं अरुण यादव की करीब 10 वर्षीय पुत्री सविता कुमारी के नाम शामिल है। इस घटना के बाद गांव में कोहराम मचा हुआ है। मृतक बच्चियों के घर में मातम का माहौल है। अपने भाइयों के लंबी उम्र की कामना को लेकर करमा-धरमा पर्व करने वाली बच्चियां पर्व के पहले ही दुनिया छोड़ गई। इस घटना के बाद एक ही गांव के 4 घरों में मातम छा गया है अपने प्राणों से प्यारी बच्चियों से लिपट कर उनकी ममतामयी माताएं दहाड़ मार कर रो रही थी।
मृत बच्चियों के भाइयों सहित पिता का भी रो-रो कर बुरा हाल है। अपनी अपनी मृत बच्चियों को कलेजे से चिपकाए उनकी माताएं जब फफक-फफक कर रो रही थी, तब पास खड़ी महिलाओं के आंखों से आंसुओं की धार भी अनायास बहने लगते थे। सब की जुबान से बस एक ही बात निकल रही थी , कि भगवान ऐसी सजा किसी दुश्मन को भी ना दें।



