भगवत भजन से ही मोक्ष का मार्ग संभव : गंभीरानंद बाबा


अजय कु.झा 'मनीष' (संवाददाता),बाराहाट। 
 मानव जीवन में मोक्ष का मार्ग भगवत भजन से ही संभव है। मनुष्य को व्यस्ततम समय में भी कुछ वक्त निकाल कर ईश्वर भक्ति करनी चाहिए। इससे संतोष का भाव और आत्म तृप्ति मिलती है। यह ज्ञान हो जाता है कि संपत्ति और विपत्ति आती जाती रहती है। ये बातें महर्षि मेंहीं आश्रम जगदेशपुर के वर्तमान आचार्य महर्षि गंभीरानंद जी महाराज ने कही।

बांका के चंगेरी मिर्जापुर गांव में आयोजित दो दिवसीय सत्संग के उद्घाटन के अवसर पर प्रवचन दे रहे थे। इसका आयोजन संतमत-सत्संग  की ओर किया जा रहा है।इसका आयोजन जागो-रूकमनी निवास पर और अरुण मंडल के द्वार पर अपने बच्चे के जन्म दिवस के उपलक्ष में लगातार 23 वर्षों से सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है आचार्य ने कहा कि मनुष्य को सदैव सत्संग में आकर ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। अगर संतों का संग नहीं मिले तो उनकी वाणी का पाठ नियमित रूप से करना चाहिए। परमात्मा वाणी का विषय नहीं है। परमात्मा की प्राप्ति आत्मा से ही संभव है। साधक अपनी सत्य निष्ठा की साधना से ईश्वर को प्राप्त कर मोक्ष प्राप्त कर सकता है।

गांव के सत्संग प्रेमियों में प्रमुख रूप से ज्ञानानंद बाब (अनिल बाबा),जनार्दन पुजारी,शंभू शरण पंडित,प्रदीप कुमार पंडित, भरोसी बाबा, सौदागर, नागो यादव, रुकमणी देवी बेबी देवी नीलम देवी उपस्थित रहे।
सत्संग में चंगेरी गांव की कीर्तन मंडली ने आयोजन में चार चांद लगा दिया शैलेंद्र यादव, सतीश चंद्र मेहता, उमेश मेहता, ओपी साह, आदि ने भाग लिया।

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