कृषि एलायड क्षेत्र में किये जा रहे कार्यो की हुई समीक्षा।
टेक्नोलाॅजी, एप, साॅफ्टवेयर के साथ बेहतर कार्य करने वाले युवाओं के साथ समीक्षात्मक बैठक 24 फरवरी को।
बेतिया। जिलाधिकारी, कुंदन कुमार ने कहा कि जिले को कृषि एलायड क्षेत्र यथा-कृषि, मत्स्य, हैचरी, डेयरी, पोल्ट्री, हर्बल प्लांटेशन आदि के क्षेत्रों में बेहतर बनाने की दिशा में संबंधित अधिकारियों को तत्परतापूर्वक कार्य करना अतिआवश्यक है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसी जिले में रोजगार उपलब्ध करायी जा सके। उन्होंने कहा कि धीमी प्रगति, लापरवाही एवं कोताही बरतने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध कार्रवाई तय है। जिलाधिकारी कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित समीक्षात्मक बैठक में अधिकारियों को निदेशित कर रहे थे। इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के किसानों को खेतों में धान, गेहूं, गन्ना आदि के अलावे अन्य उत्पादन जैसे फिशरिज, मधुमक्खी पालन, मशरूम, मखाना, लेमन ग्रास, खस, केले के पौधे से बनने वाले विभिन्न प्रोडक्ट आदि की भी पैदावार करने हेतु जागरूक एवं प्रेरित किया जाय। परंपरागत खेती प्रणाली के अलावे समेकित कृषि प्रणाली से एक ओर जहां किसानों की आमदनी बढ़ेगी, उन्हें रोजगार मिलेगा वहीं जिले का भी विकास होगा।
उन्होंने कहा कि जिले को मत्स्य पालन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने हेतु कारगर कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करके जिले को सिर्फ सेल्फ डिपेंटेंड ही नहीं बनाना है अपितु अन्य राज्यों में भी भेजा जाय। साथ ही फिशरिज के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर अन्य संभावनाओं की तलाश भी की जाय। इस हेतु जिला मत्स्य पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि जिले में मछली की मांग, उत्पादकता तथा आपूर्ति से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध करायी जाय। साथ ही चैर आदि का डेवलप युद्धस्तर पर करने हेतु अग्रतर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निदेश जिला मत्स्य पदाधिकारी को दिया गया है।
समीक्षा के क्रम में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि कृषि एलायड क्षेत्रों में टेक्नोलाॅजी, साॅफ्टवेयर, एप आदि के माध्यम से बेहतर कार्य करने वाले ऊर्जावान किसानों के साथ दिनांक-23.02.2021 को समाहरणालय सभाकक्ष में पूर्वाह्न 11.00 बजे एक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया है। इस बैठक की सारी तैयारियां कर ली गयी है।
जिलाधिकारी द्वारा जिला कृषि पदाधिकारी को जिला में जिलास्तर, अनुमंडलस्तर एवं प्रखंडस्तर पर कृषि मेला का आयोजन करने हेतु अग्रतर कार्रवाई करने का निदेश दिया गया। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को किये जा रहे कार्यों का अच्छे तरीके से डाॅक्यूमेंटेशन करने को कहा गया है।


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